Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों के बहुप्रतीक्षित नतीजे रविवार को घोषित कर दिए गए हैं। इन नतीजों ने राज्य की सियासत में एक नया मोड़ ला दिया है। चार प्रमुख नगर निगमों में से तीन पर भारतीय जनता पार्टी ने एकतरफा जीत दर्ज की है।
इस शानदार जीत के साथ भाजपा ने शहरी इलाकों में अपना पुराना दबदबा पूरी तरह कायम रखा है। दूसरी तरफ सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को करारा झटका लगा है। कांग्रेस इस चुनाव में केवल एक नगर निगम पर ही अपना कब्जा जमाने में कामयाब हो सकी।
इस बार चुनाव में मुख्य मुकाबला मंडी, धर्मशाला, सोलन और पालमपुर नगर निगमों के बीच था। इन शहरों के मतदाताओं ने विकास और स्थानीय मुद्दों को ध्यान में रखकर अपना फैसला सुनाया है। नतीजों के बाद राज्य में राजनीतिक जश्न का माहौल शुरू हो गया है।
मंडी और धर्मशाला में खिला कमल
मंडी नगर निगम में भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कुल बारह सीटें अपने नाम कीं। इस शानदार प्रदर्शन से भाजपा ने सदन में स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। यहां कांग्रेस को केवल एक सीट मिली, जबकि एक सीट निर्दलीय के खाते में गई।
धर्मशाला नगर निगम में भी भाजपा का जलवा पूरी तरह बरकरार रहा। भाजपा ने यहां ग्यारह सीटों पर जीत का परचम लहराया। मुख्य प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस को यहां केवल पांच सीटों से संतोष करना पड़ा, जबकि एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने कब्जा किया।
सोलन नगर निगम के चुनावी दंगल में भी भाजपा ने कांग्रेस को पछाड़ दिया। भाजपा ने यहां कड़ी टक्कर में दस वार्डों में जीत हासिल की। वहीं कांग्रेस के खाते में छह सीटें आईं और एक वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव जीतने में सफल रहा।
पालमपुर में कांग्रेस ने भाजपा को पछाड़ा
हालांकि पालमपुर नगर निगम के नतीजों ने कांग्रेस के खेमे में थोड़ी राहत जरूर पहुंचाई है। पालमपुर में कांग्रेस ने बेहतरीन चुनावी रणनीति की बदौलत ग्यारह सीटें जीतीं। कांग्रेस ने यहां भाजपा को काफी पीछे छोड़कर शानदार बहुमत के साथ सत्ता हासिल कर ली।
इन नतीजों से साफ है कि भाजपा ने तीन शहरों में मजबूत पकड़ बनाई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह चुनाव परिणाम आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए बेहद अहम संकेत हैं। दोनों ही दलों ने अब आगे की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।
Author: Sunita Gupta

