बीमार मरीजों को सरकार ने दी बड़ी राहत, एनपीपीए ने 30 जरूरी दवाओं की कीमतों को घटाकर तय की नई एमआरपी

Delhi News: केंद्र सरकार ने आम लोगों को बेहद सस्ती और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने बाजार में मिलने वाले तीस महत्वपूर्ण दवा फॉर्मूलेशन की अधिकतम रिटेल कीमत तय कर दी है।

दवाओं के दामों में यह बड़ा बदलाव तुरंत प्रभाव से पूरे देश में लागू हो गया है। सरकार की इस नई लिस्ट में प्रत्येक जीवनरक्षक दवा के नाम के साथ उसकी नई खुदरा कीमत को भी साफ तौर पर अंकित किया गया है।

एनपीपीए द्वारा जारी आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार अब कोई भी मेडिकल स्टोर तय कीमतों से अधिक पैसे नहीं वसूल सकेगा। इस कल्याणकारी फैसले से देश के करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों को इलाज के खर्च में बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

गंभीर बीमारियों की दवाओं के घटे दाम

प्राधिकरण की इस नई लिस्ट में कई गंभीर बीमारियों के इलाज में काम आने वाली दवाएं शामिल हैं। इसमें मुख्य रूप से पेट के लिए एल्जिनेट राफ्ट-फॉर्मिंग ओरल सस्पेंशन और बिलास्टिन-मोंटेलुकास्ट जैसी जरूरी एंटी-एलर्जिक टैबलेट को जगह मिली है।

इसके साथ ही दिल के मरीजों के लिए बिसोप्रोलोल फ्यूमरेट और शरीर में कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने वाली एटोरवास्टेटिन-फेनोफाइब्रेट कॉम्बिनेशन की गोलियां भी शामिल हैं। ब्लड प्रेशर को सामान्य रखने वाली प्रसिद्ध एम्लोडिपिन टैबलेट के दाम भी अब नियंत्रित कर दिए गए हैं।

इस लिस्ट में शामिल विटामिन डी3, कैल्शियम, मेथाइलकोबालामिन, पाइरिडॉक्सल-5 फॉस्फेट और एल-मेथाइलफोलेट कैल्शियम से भरपूर एक महत्वपूर्ण टैबलेट की खुदरा कीमत 19.78 रुपये प्रति गोली तय की गई है। यह दवा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में बेहद मददगार होती है।

कंपनियों को मानना होगा नया आदेश

वहीं हृदय रोग के इलाज में सबसे ज्यादा बिकने वाली एटोरवास्टेटिन एंड फेनोफाइब्रेट टैबलेट की अधिकतम कीमत अब 18.46 रुपये प्रति टैबलेट निर्धारित की गई है। दवा निर्माता कंपनियां अब उपभोक्ताओं से इससे ज्यादा पैसे बिल्कुल नहीं वसूल पाएंगी।

एनपीपीए के अनुसार दवाओं की कीमतों का यह कड़ा नियमन बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी था। यह कदम ग्राहकों को कंपनियों की मनमानी से बचाएगा। सभी मैन्युफैक्चरिंग और मार्केटिंग कंपनियों को इस सरकारी आदेश का सख्ती से पालन करना होगा।

सरकार ने साफ किया है कि इस नियम का उल्लंघन करने वाली फार्मा कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। कोई भी दवा विक्रेता नई तय दरों से अधिक मूल्य पर इन फॉर्मूलेशन को नहीं बेच सकेगा। देश के गरीब मरीजों के लिए यह फैसला संजीवनी साबित होगा।

Author: Asha Thakur

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