Shimla News: हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सुबह आठ बजे से ही सूर्यदेव अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर देते हैं। दोपहर होते-होते चिलचिलाती धूप से आम जनजीवन पूरी तरह बेहाल हो रहा है। क्षेत्र का तापमान अब 38 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है।
पिछले चार दिनों से बढ़ी इस प्रचंड गर्मी के कारण लोग दोपहर में घरों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं। इस बदलते मौसम का सबसे बुरा असर स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों पर पड़ रहा है। सुबह स्कूल जाते समय और दोपहर में घर लौटते समय बच्चे तेज धूप में झुलसने को मजबूर हैं।
प्रचंड धूप से जल स्रोत सूखे और डिहाइड्रेशन का बढ़ा खतरा
लगातार बढ़ते तापमान के कारण देवभूमि के कई प्राकृतिक जल स्रोत समय से पहले ही सूखने लगे हैं। पानी का रिसाव बंद होने से आने वाले दिनों में पहाड़ी इलाकों में गंभीर जल संकट पैदा हो सकता है। भीषण गर्मी की वजह से स्कूली बच्चों में डिहाइड्रेशन और गंभीर बीमारी का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ गया है।
परिजन बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें ओआरएस और पानी की बोतलें देकर स्कूल भेज रहे हैं। वहीं इस झुलसाने वाली गर्मी ने स्थानीय फल और सब्जी विक्रेताओं के कारोबार की कमर तोड़ दी है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दुकानें सजी ताजी सब्जियां दोपहर तक पूरी तरह सूखकर खराब हो रही हैं।
बाजारों में पसरा सन्नाटा और ठंडे पेय पदार्थों की बढ़ी मांग
नुकसान से बचने के लिए दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे तिरपाल लगाए हैं। इसके बावजूद गर्म लू के थपेड़े फलों को बर्बाद कर रहे हैं। दोपहर के समय बाजारों में पूरी तरह सन्नाटा पसर जाता है। ग्राहकों की कमी के कारण छोटे और बड़े व्यापारियों का दैनिक कारोबार काफी ज्यादा प्रभावित हो रहा है।
इस संकट के बीच जूस कॉर्नर और ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग गर्मी से फौरी राहत पाने के लिए गन्ने का रस, लस्सी और आइसक्रीम का सहारा ले रहे हैं। मौसम के इस बदले मिजाज ने पहाड़ी जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
Author: Sunita Gupta

