Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के 51 शहरी निकायों में नई सरकार चुनने के लिए रविवार सुबह से मतदान जारी है। राज्य के चार नगर निगमों सहित कुल 589 पोलिंग बूथों पर वोटर्स की लंबी कतारें लगी हैं। सुबह से ही लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए भारी उत्साह दिखा रहे हैं।
शुरुआती दो घंटों में सोलन जिला रहा सबसे आगे
राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में सुबह 9 बजे तक करीब 16 फीसदी मतदान दर्ज हुआ। शुरुआती दो घंटों में सोलन जिला 16.99 प्रतिशत वोटिंग के साथ सबसे आगे रहा। वहीं ऊना जिले में 15.32 फीसदी और मंडी जिले में 16.26 प्रतिशत वोटर्स ने अपने वोट डाले।
ज्वालामुखी नगर परिषद के वार्ड नंबर 1 में सुबह के समय सबसे बंपर वोटिंग देखी गई। यहां सुबह 9 बजे तक ही 18.12 फीसदी लोग मतदान कर चुके थे। हालांकि मंडी नगर निगम के समखेतर वार्ड नंबर 11 में ईवीएम खराब होने से मतदान थोड़ी देरी से शुरू हो पाया।
नाहन में कांग्रेस प्रत्याशी पर गंभीर आरोप से मचा हड़कंप
शांतिपूर्ण मतदान के बीच नाहन नगर परिषद क्षेत्र से एक बड़ी सियासी खबर सामने आई है। यहां भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस उम्मीदवार पर वोटर्स को लुभाने के लिए शराब बांटने के आरोप लगाए हैं। भाजपा नेताओं ने इस गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग से आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है।
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक कुल 439 पदों के लिए मैदान में 1147 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। इस महापर्व में करीब 3.80 लाख मतदाता अपने शहर की सरकार चुनेंगे। कुल वोटर्स में 1,80,963 पुरुष, 1,79,882 महिलाएं और 14 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं।
मतदान के तुरंत बाद शुरू होगी नगर परिषदों की गिनती
प्रशासन ने सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि मतदान निष्पक्ष हो सके। दोपहर 3:00 बजे तक वोट डालने की प्रक्रिया चलेगी। इसके ठीक बाद नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव की काउंटिंग शुरू होगी। देर शाम तक इनके नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे।
वहीं चारों नगर निगमों के लिए डाले जा रहे मतों की गिनती आगामी 31 मई को होगी। इसी दिन जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के परिणाम भी जारी किए जाएंगे। आयोग ने सभी वोटर्स से बिना किसी डर के मतदान केंद्रों पर आकर अपना वोट डालने की अपील की है।
वोटिंग के लिए पहचान पत्र लाना बेहद अनिवार्य
निष्पक्ष वोटिंग के लिए चुनाव आयोग ने सख्त नियम बनाए हैं। पोलिंग बूथ पर वोटर्स को अपना फोटोयुक्त पहचान पत्र दिखाना जरूरी होगा। जिन लोगों के पास मुख्य वोटर कार्ड नहीं है, वे आयोग द्वारा तय किए गए 17 अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
इन वैकल्पिक दस्तावेजों में पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और सरकारी या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों के सर्विस आईडी कार्ड शामिल हैं। इसके अलावा बैंक या डाकघर की पासबुक, राशन कार्ड, छात्र आईडी कार्ड, किसान पासबुक, पेंशन दस्तावेज, शस्त्र लाइसेंस और आधार कार्ड दिखाकर भी वोट डाला जा सकता है।

