हिमाचल में बिना चुनाव लड़े पंचायतों को मिलेंगे लाखों रुपये, सरकार के इस बड़े फैसले से गांवों में मचेगी हलचल

Himachal News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने पंचायत चुनावों को लेकर ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब राज्य में सर्वसम्मति से चुनी जाने वाली पंचायतों को भारी इनाम मिलेगा। सरकार उन्हें लाखों रुपये की सहायता राशि देगी। इस अहम फैसले का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में चुनावी विवाद पूरी तरह खत्म करना है। सरकार गांवों में भाईचारा बढ़ाकर विकास कार्यों को तेज करना चाहती है। बिना मुकाबले होने वाले इस अनोखे चुनाव से ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।

क्या होता है सर्वसम्मति वाला निर्विरोध चुनाव

सर्वसम्मति से चुनाव का सीधा मतलब बिना किसी मुकाबले के पंचायत चुनना है। इसमें गांव के सभी लोग आपसी सहमति से अपने जन प्रतिनिधि तय कर लेते हैं। ऐसे में किसी भी पद के लिए वोटिंग कराने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ती है। ग्रामीण खुद मिलकर यह तय करते हैं कि गांव की जिम्मेदारी किसे सौंपनी है। इसे ही निर्विरोध चुनाव कहा जाता है। इस प्रक्रिया से गांव का कीमती समय और पैसा दोनों पूरी तरह बचते हैं।

नामांकन और चयन की क्या है पूरी प्रक्रिया

इस विशेष प्रक्रिया में पंचायत के सभी पदों के लिए उम्मीदवार पहले ही चुन लिए जाते हैं। नामांकन के बाद किसी पद पर सिर्फ एक उम्मीदवार बचने पर उसे विजयी मान लेते हैं। यदि कोई दूसरा व्यक्ति भी अपना पर्चा भर देता है, तो मुकाबला शुरू हो जाता है। अगर किसी एक पद पर भी मतदान की नौबत आती है, तो इनाम का लाभ नहीं मिलता है। वह पंचायत सरकारी इनाम की दौड़ से तुरंत बाहर हो जाती है।

इनाम में मिलेगी लाखों रुपये की भारी भरकम राशि

सरकार ने योजना के तहत अलग-अलग स्तरों के लिए अलग-अलग इनाम राशि तय की है। यह सारा पैसा सीधा पंचायतों के बैंक खाते में भेजा जाएगा।

  • ग्राम पंचायत को पूरे दस लाख रुपये दिए जाएंगे।
  • पंचायत समिति (बीडीसी) को पांच लाख रुपये मिलेंगे।
  • जिला परिषद के लिए पंद्रह लाख रुपये तय किए गए हैं।

इस पूरी धनराशि का उपयोग गांव में सड़क और स्वच्छ पानी पर किया जाएगा। यह भारी राशि पंचायत विकास का मुख्य आधार बनेगी।

आपसी रंजिश खत्म करके आदर्श पंचायत बनाने का लक्ष्य

सरकार का स्पष्ट मानना है कि पंचायत चुनावों के दौरान गांवों में अक्सर भारी रंजिश बढ़ जाती है। निर्विरोध चुनाव होने से इस तरह की सभी समस्याएं काफी हद तक कम हो जाएंगी। सभी ग्रामीण इलाकों में हमेशा शांति का एक बेहतरीन माहौल बना रहेगा। चुनाव का सारा भारी खर्च बचेगा और जन प्रतिनिधियों का पूरा ध्यान सिर्फ विकास पर रहेगा। इस बेहतरीन सरकारी पहल से सभी ग्रामीण पंचायतों को ‘आदर्श पंचायत’ बनाने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी।

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