हिमाचल पंचायत चुनाव: नामांकन जांच के बाद 85,462 प्रत्याशी मैदान में, कांगड़ा में सबसे अधिक दावेदार

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के आगामी सामान्य चुनाव को लेकर चुनावी बिसात पूरी तरह बिछ चुकी है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, नामांकन पत्रों की गहन जांच के बाद अब कुल 85,462 प्रत्याशी चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमाएंगे। आयोग को प्रदेश भर से कुल 86,204 नामांकन प्राप्त हुए थे, जिनमें से तकनीकी खामियों के चलते 742 पत्रों को रद्द कर दिया गया है।

चुनाव कार्यक्रम और महत्वपूर्ण तिथियां

राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनाव की अधिसूचना 29 अप्रैल 2026 को जारी की गई थी। इसके बाद नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 7 से 11 मई तक चली, जबकि 12 और 13 मई को रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की जांच की गई। अब सभी की नजरें 15 मई पर टिकी हैं, जो नाम वापसी की अंतिम तिथि है। इसी दिन शाम तक चुनावी दंगल की वास्तविक तस्वीर साफ हो जाएगी।

तीन चरणों में संपन्न होगा मतदान

प्रदेश में लोकतंत्र के इस जमीनी उत्सव के लिए मतदान तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 26, 28 और 30 मई 2026 को सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक वोट डाले जाएंगे। आयोग ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की है, जिसके तहत मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के तुरंत बाद संबंधित केंद्रों पर ही मतगणना का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

कांगड़ा और लाहौल-स्पीति के जिलावार आंकड़े

आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि कांगड़ा जिला चुनावी सरगर्मी में सबसे आगे है, जहां सर्वाधिक 19,428 प्रत्याशी मैदान में डटे हैं। इसके विपरीत, जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में सबसे कम उत्साह देखा गया है, जहां केवल 490 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। अन्य बड़े जिलों में मंडी से 14,565, शिमला से 8,613 और चंबा से 8,443 प्रत्याशी स्थानीय नेतृत्व के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर राजनीतिक सरगर्मी तेज

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में इस बार भारी उत्साह देखा जा रहा है। 15 मई की समयसीमा नजदीक आते ही गांवों में चुनावी समीकरण बनाने और बिगाड़ने का दौर शुरू हो गया है। कई स्थानों पर संभावित उम्मीदवार अपने प्रतिद्वंद्वियों को मनाने और नाम वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। स्थानीय चौपालों पर अब केवल विकास और जीत के दावों की चर्चाएं हो रही हैं।

निष्पक्ष चुनाव के लिए आयोग की प्रतिबद्धता

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूरे प्रदेश में स्वच्छ, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए सभी सुरक्षात्मक और प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। आयोग की प्राथमिकता स्थानीय स्तर पर एक मजबूत और पारदर्शी नेतृत्व का चयन सुनिश्चित करना है, जो ग्रामीण विकास को नई दिशा दे सके।

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