Himachal News: हिमाचल प्रदेश के चंबा और कांगड़ा जिले में रात को आए तेज भूकंप से भारी तबाही हुई है। रात 10 बजकर 4 मिनट पर आए इस पांच तीव्रता के मुख्य झटके के बाद एक घंटे के भीतर दो और झटके महसूस किए गए। इस प्राकृतिक आपदा ने कई सरकारी इमारतों और रिहायशी मकानों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है।
भूकंप के तेज झटकों से कांगड़ा और चंबा में भारी नुकसान
कांगड़ा के धर्मशाला और शाहपुर इलाके में भूकंप के कारण दर्जनों घरों में गहरी दरारें आ गई हैं। इस आपदा की वजह से कैरी पंचायत में तीन मकान पूरी तरह जमींदोज होने की कगार पर पहुंच गए हैं। पालमपुर के सिविल अस्पताल की दूसरी मंजिल की छत टूट गई है, जिससे वहां भर्ती मरीजों में अफरा-तफरी मच गई।
पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय के हॉस्टल की छत गिरने से छात्रों के बीच दहशत फैल गई। शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के महाड़ गांव में जिगरी राम का चार कमरों का पक्का मकान पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। उनके मकान की पिछली दीवार एक फुट पीछे खिसक गई है और स्लेटपोश छत को सहारा देने वाली कैंची टूट गई है।
विधायक केवल सिंह पठानिया ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया
शाहपुर के विधायक और उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने प्रशासनिक टीम के साथ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने भौंठु, रावा, खड़ी बही, करेरी और नौरा जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। विधायक ने लोगों की समस्याएं सुनीं और उन्हें सरकार की तरफ से हर संभव मदद का पूरा भरोसा दिलाया है।
इस भीषण भूकंप के कारण क्षेत्र के लगभग 50 से 60 परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। आपदा से सबसे ज्यादा नुकसान कच्चे और मिट्टी से बने मकानों को पहुंचा है। विधायक पठानिया ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को जल्द से जल्द सर्वे पूरा कर विस्तृत नुकसान रिपोर्ट सरकार को भेजने के कड़े निर्देश दिए हैं।
विधायक ने कहा कि इस संकट की घड़ी में प्रदेश सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने जल शक्ति और बिजली विभाग के अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि वे प्रभावित क्षेत्रों में पानी और बिजली की सप्लाई लगातार चालू रखें, ताकि आम जनता को किसी और परेशानी का सामना न करना पड़े।
Reported By: Sunita Gupta


