हिमाचल में आज से बदल गए 5 बड़े नियम! बिजली हुई सस्ती लेकिन अब इन चीजों के लिए ढीली करनी होगी जेब, जानिए पूरा सच

Himachal News: हिमाचल प्रदेश की जनता के लिए 1 अप्रैल 2026 से कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। राज्य सरकार ने जनता को एक तरफ बड़ी राहत दी है। वहीं, दूसरी तरफ कुछ चीजों के दाम बढ़ाकर तगड़ा झटका भी दिया है। आज से प्रदेश के 28 लाख उपभोक्ताओं के लिए बिजली सस्ती हो गई है। शराब के शौकीनों को अब अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। एचआरटीसी बसों में सफर करने वाली महिलाओं के नियमों में बदलाव हुआ है। टोल टैक्स के नियमों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। आइए जानते हैं कि आज से आपकी जिंदगी और जेब पर इन नए नियमों का क्या सीधा असर पड़ने वाला है।

बिजली उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत

राज्य विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली की नई दरें लागू कर दी हैं। अब हिमाचल में बिजली आपूर्ति की औसत लागत 6.75 रुपये प्रति यूनिट हो गई है। पिछले साल यह दर 6.76 रुपये थी। प्रति यूनिट एक पैसे की कमी आई है। घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह ही 125 यूनिट मुफ्त बिजली मिलती रहेगी। इस सस्ती बिजली का सबसे बड़ा फायदा राज्य के औद्योगिक क्षेत्र को होगा।

शराब के शौकीनों को लगा तगड़ा झटका

आज से प्रदेश भर में शराब महंगी हो गई है। नई सप्लाई के साथ ही शराब के नए दाम भी लागू हो गए हैं। शराब की बोतलों पर 80 रुपये से लेकर 200 रुपये तक की भारी बढ़ोतरी हुई है। सरकार ने इस बार शराब के ठेकों की ई-नीलामी की है। कुल्लू और लाहौल-स्पीति के सभी ठेके एक बाहरी कंपनी ने खरीदे हैं।

एचआरटीसी बसों और टोल टैक्स के नए नियम

  • सरकारी बसों में सफर करने वाली महिलाओं के लिए आज से ‘हिम बस कार्ड’ अनिवार्य कर दिया गया है।
  • इस कार्ड के बिना महिलाओं को बस किराये में 50 फीसदी की छूट नहीं मिलेगी। उन्हें पूरा किराया देना होगा।
  • बाहरी राज्यों से आने वाली 5 से 12 सीटर निजी गाड़ियों को अब 100 रुपये टोल टैक्स देना होगा।
  • हिमाचल नंबर की 12 सीटर तक की टैक्सी को इस टोल टैक्स से पूरी तरह छूट दी गई है।

मुख्यमंत्री और विधायकों के वेतन पर चली कैंची

हिमाचल सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। आज से मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों का वेतन 20 से 30 फीसदी तक स्थगित रहेगा। यह कड़ा नियम अगले छह महीने तक लागू रहेगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपना वेतन 50 फीसदी तक टालने का फैसला किया है। बड़े अधिकारियों का वेतन भी छह महीने तक स्थगित रहेगा। यह कदम राज्य की कमजोर वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए उठाया गया है।

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