Dharamshala News: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में शनिवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। खनियारा क्षेत्र में मानुनी खड्ड का जलस्तर अचानक बढ़ने से तबाही मच गई। पानी के तेज बहाव के कारण जल विद्युत परियोजना के मजदूरों के अस्थायी शेड बह गए। इस भयावह घटना में करीब 25 मजदूरों के बहने की प्रारंभिक खबर है।
अचानक बढ़ी जलधारा और शेड बहने से मची चीख-पुकार
यह भीषण हादसा इंदिरा प्रियदर्शनी जल विद्युत परियोजना के पास हुआ है। कंपनी में काम करने वाले मजदूर खड्ड के बिल्कुल किनारे अस्थायी टेंट और शेड बनाकर रह रहे थे। शनिवार को अचानक पानी का स्तर अत्यधिक बढ़ गया। इससे पहले कि मजदूर संभल पाते, उनके आशियाने पानी के तेज बहाव में विलीन हो गए।
तेज लहरों की चपेट में आने से कई मजदूर पानी के बीच फंस गए। इस अचानक आई आपदा के बाद पूरे खनियारा क्षेत्र में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत इस बात की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया।
श्रीनगर के रहने वाले हैं ज्यादातर प्रभावित मजदूर
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार हादसे का शिकार हुए अधिकांश मजदूर जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर और उसके आसपास के इलाकों से आए थे। वे यहां पनबिजली परियोजना में मजदूरी का काम करते थे। स्थानीय प्रशासन अब ठेकेदार और कंपनी प्रबंधन से बात करके सभी पीड़ित मजदूरों की सही संख्या और पहचान जुटा रहा है।
राहत और बचाव दलों को अब तक नदी से दो मजदूरों के शव बरामद हुए हैं। वहीं कई अन्य श्रमिक अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। आपदा प्रबंधन की टीमें लापता लोगों का पता लगाने के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। पानी का बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू में दिक्कतें आ रही हैं।
एसडीआरएफ और पुलिस का संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे की सूचना मिलते ही स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स, स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। खड्ड के दोनों किनारों और निचले इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया है। लापता लोगों को सुरक्षित ढूंढने के लिए आपदा प्रबंधन की टीमें आधुनिक उपकरणों की मदद ले रही हैं।
क्षेत्र के स्थानीय विधायक सुधीर शर्मा ने भी फौरन घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि लगभग 15 से 20 मजदूरों के बहने की गंभीर आशंका बनी हुई है। विधायक ने जिला प्रशासन को हर हाल में राहत और बचाव कार्य तेज करने तथा अतिरिक्त संसाधन जुटाने के कड़े निर्देश दिए हैं।
नदी और खड्डों के किनारे जाने पर प्रशासन की रोक
मौसम विभाग और प्रशासनिक अधिकारी पहाड़ों में हो रही बारिश और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रख रहे हैं। यह दर्दनाक हादसा पहाड़ी राज्यों में मानसून पूर्व मौसम की चुनौतियों को उजागर करता है। साथ ही यह नदी-नालों के किनारे बने अस्थायी शिविरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों और बाहर से आने वाले पर्यटकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। मौसम के खराब रुख को देखते हुए सभी खड्डों और नदियों के पास जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
Author: Sunita Gupta


