Delhi News: दिल्ली विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक सेंट स्टीफंस कॉलेज ने अपने सवा सौ साल से अधिक पुराने इतिहास में एक क्रांतिकारी बदलाव किया है। कॉलेज की सुप्रीम काउंसिल ने प्रोफेसर सुसान एलियास को संस्थान की 14वीं प्रिंसिपल नियुक्त किया है। यह पहली बार है जब 1881 में स्थापित इस प्रतिष्ठित संस्थान का नेतृत्व कोई महिला करेगी। आधिकारिक घोषणा के अनुसार प्रोफेसर सुसान 1 जून 2026 से अपना पदभार ग्रहण करेंगी। दिल्ली के बिशप और कॉलेज चेयरमैन डॉ. पॉल स्वरूप ने इस ऐतिहासिक नियुक्ति पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है।
प्रशासनिक गतिरोध और चुनौतियों का हुआ अंत
सेंट स्टीफंस कॉलेज पिछले काफी समय से प्रशासनिक और कानूनी पेचीदगियों के कारण नेतृत्व के संकट से जूझ रहा था। लंबे समय से प्रिंसिपल का स्थायी पद खाली होने के कारण कॉलेज के भविष्य की योजनाओं पर असर पड़ रहा था। सुप्रीम काउंसिल ने अब एक अनुभवी शिक्षाविद् को चुनकर इस गतिरोध को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। प्रशासन को पूरा भरोसा है कि प्रोफेसर सुसान के नेतृत्व में कॉलेज को नई दिशा और शैक्षणिक ऊर्जा मिलेगी। यह फैसला लैंगिक समानता की दिशा में भी बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
प्रोफेसर सुसान एलियास का शानदार शैक्षणिक सफर
प्रोफेसर सुसान एलियास के पास शिक्षण, शोध और प्रशासनिक कार्यों का 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उन्होंने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में प्रो-वाइस चांसलर (रिसर्च) और हिंदुस्तान यूनिवर्सिटी में डायरेक्टर के महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। इसके अलावा उन्होंने वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) में डेटा साइंस और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया है। उनका यह तकनीकी और प्रशासनिक अनुभव सेंट स्टीफंस कॉलेज के गौरवशाली इतिहास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।
देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान का नया अध्याय
वर्ष 1881 में स्थापित सेंट स्टीफंस कॉलेज ने देश को अनगिनत राजनेता, लेखक और वरिष्ठ नौकरशाह दिए हैं। 145 सालों तक इस संस्थान का नेतृत्व केवल पुरुषों ने किया है। यही कारण है कि प्रोफेसर सुसान एलियास की नियुक्ति को शिक्षा जगत एक प्रगतिशील और बड़े बदलाव के रूप में देख रहा है। छात्र और शिक्षक इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं। 1 जून से शुरू होने वाला उनका नया कार्यकाल स्टीफंस की समृद्ध विरासत में एक स्वर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है।


