Delhi News: दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने नीट-यूजी पेपर लीक मामले में एक बेहद अनोखा और बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने जेल में बंद आरोपी छात्र यश यादव को न्यायिक हिरासत के दौरान अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए किताबें पास रखने की कानूनी अनुमति दे दी है।
आरोपी छात्र यश यादव 21 जून को होने वाली नीट-यूजी की पुनर्परीक्षा में शामिल होने के लिए जेल के भीतर ही तैयारी करना चाहता है। इसके साथ ही विशेष अदालत ने इस संवेदनशील मामले में गिरफ्तार पांच मुख्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत आगामी 15 जून तक के लिए बढ़ा दी है।
कोर्ट ने पूछा- क्या आरोपी परीक्षा में बैठ सकता है?
सुनवाई के दौरान आरोपी यश यादव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश किया गया था। इस दौरान विशेष सीबीआई न्यायाधीश अजय गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण कानूनी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने यह साफ किया है कि आरोपी होने के बाद भी यश परीक्षा दे सकता है।
अदालत ने यह भी जानना चाहा कि क्या आरोपी छात्र को एनटीए की तरफ से नया एडमिट कार्ड जारी किया गया है। यश यादव की तरफ से पेश हुईं वरिष्ठ अधिवक्ता अंबिका ने अदालत को बताया कि उनका मुवक्किल तीन मई को आयोजित हुई मुख्य परीक्षा में भी शामिल हुआ था, इसलिए उसे अध्ययन सामग्री की जरूरत है।
12 मई को दर्ज हुई थी सीबीआई की एफआईआर
सीबीआई की तरफ से जांच अधिकारी डीएसपी पवन कुमार कौशिक ने सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने के लिए कोर्ट में एक आवेदन दायर किया था। इससे पहले इन सभी आरोपियों को बीते 20 मई को हुई सुनवाई में दो जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था।
सीबीआई के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, यह पूरा मामला 12 मई 2026 को दर्ज की गई एक एफआईआर से जुड़ा हुआ है। यह एफआईआर एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत दर्ज की गई थी।
10 लाख रुपये में बेचा गया था लीक प्रश्नपत्र
जांच एजेंसी का आरोप है कि आरोपी मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए प्रश्नपत्र हासिल करने के उद्देश्य से शुभम खैरनार से संपर्क किया था। शुभम ने सबसे पहले यह लीक पेपर यश यादव को दिया था, जिसने इसे 10 लाख रुपये में मांगीलाल तक पहुंचाया था।
पूछताछ में सामने आया कि विकास बिवाल की मुलाकात यश यादव से राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान हुई थी। मांगीलाल ने बाद में इसी प्रश्नपत्र को अन्य अभ्यर्थियों को 12-12 लाख रुपये में बेचा था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में सीबीआई अब तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
Adv Anuradha Rajput


