Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) में आग लगने की बढ़ती घटनाएं अब बेहद चिंताजनक और जानलेवा साबित हो रही हैं। हाल ही में पश्चिमी दिल्ली के विष्णु गार्डन में ई-स्कूटी में हुए धमाके के बाद अब तुगलकाबाद में भी वैसी ही दर्दनाक घटना सामने आई है।
तुगलकाबाद में चार्जिंग के दौरान हुए हादसे में एक ही परिवार के तीन मासूम लोगों की मौत हो गई है। वहीं दो अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस जाने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं। सरकार एक तरफ जहां पर्यावरण सुरक्षा के लिए ईवी वाहनों को बढ़ावा दे रही है, वहीं यह लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है।
जानिए आखिर क्यों लग रही है ईवी में आग?
वरिष्ठ विशेषज्ञ मोहम्मद साकिब की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू बिजली प्रणाली पर क्षमता से अधिक लोड होने के दौरान ईवी चार्ज करने से वायरिंग पर भारी दबाव पड़ता है। इस अतिरिक्त दबाव के कारण घरों में शार्ट सर्किट और अचानक भीषण आग लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
इसके अलावा वाहनों में घटिया या पुरानी वायरिंग, अनधिकृत और लोकल चार्जर का अंधाधुंध इस्तेमाल आग का मुख्य कारण है। खराब बैटरी प्रबंधन प्रणाली (बीएमएस), एक्सीडेंट में बैटरी पैक का क्षतिग्रस्त होना और इलेक्ट्रिकल सिस्टम में नमी या पानी पहुंचना भी इस जानलेवा शार्ट सर्किट को जन्म देता है।
क्या है यह खतरनाक थर्मल रनअवे?
विशेषज्ञों के मुताबिक लिथियम-आयन बैटरियों में ‘थर्मल रनअवे’ की स्थिति पैदा होना सबसे खतरनाक होता है। थर्मल रनअवे लिथियम-आयन बैटरी के भीतर होने वाली एक बेहद अनियंत्रित रासायनिक प्रतिक्रिया है। इसमें अत्यधिक लोड या खराबी के कारण बैटरी का कोई एक सेल अचानक बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है।
एक सेल के गर्म होते ही तापमान तेजी से बढ़ता है और यह जानलेवा गर्मी आसपास के अन्य सभी सेल्स तक तुरंत फैल जाती है। इस प्रक्रिया के दौरान पूरी बैटरी के अंदर रासायनिक संतुलन बिगड़ जाता है और उसमें से अत्यधिक ज्वलनशील गैसें निकलने लगती हैं, जो भीषण विस्फोट का कारण बनती हैं।
चार्जिंग के दौरान इन सावधानियों का रखें ध्यान
हादसों से बचने के लिए वाहन को हमेशा केवल मूल निर्माता कंपनी द्वारा प्रमाणित और असली चार्जर से ही चार्ज करें। चार्जिंग के लिए अपने घर में बिल्कुल अलग और सुरक्षित विद्युत लाइन का उपयोग करें। समय-समय पर अपने घर की पूरी वायरिंग की बारीकी से जांच जरूर कराते रहें।
वाहन को हमेशा बंद और पूरी तरह हवादार स्थान पर ही चार्जिंग के लिए लगाएं। यदि चार्जिंग के दौरान बैटरी या चार्जर असामान्य रूप से गर्म हो, जलने जैसी तीखी गंध आए या धुआं दिखाई दे, तो तुरंत बिजली की सप्लाई बंद कर दें। क्षतिग्रस्त उपकरणों का उपयोग करने से हमेशा बचें।
दिल्ली में पहले भी हो चुके हैं ये बड़े हादसे
दिल्ली में ईवी में आग लगने का एक लंबा और डरावना इतिहास रहा है। बीते 27 मई, 2026 को विष्णु गार्डन में ई-स्कूटी की चार्जिंग के दौरान लगी भीषण आग में एक 13 साल के मासूम किशोर की मौत हो गई थी, जबकि उसकी बुजुर्ग दादी गंभीर रूप से जख्मी हो गई थीं।
इससे पहले जून 2025 में दिलशाद गार्डन की कोड़ी कालोनी में दो ई-रिक्शा चार्जिंग के दौरान आग लगने से दो लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा घोंडा, शाहदरा और बुराड़ी बस डिपो में भी ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक बसों में चार्जिंग के दौरान आग लगने की गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
Author: Gaurav Malhotra


