दिल्ली में अब ‘उबर-ओला’ की तरह ट्रैक होगी दमकल की गाड़ी, आग लगने पर मोबाइल ऐप बताएगा लाइव लोकेशन

Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली में गर्मी बढ़ने के साथ ही आग लगने की भयानक घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हाल ही में हौजरानी और विवेक विहार समेत कई बड़े अग्निकांडों में भारी जान-माल के नुकसान के बाद दमकल विभाग के रिस्पांस टाइम (घटनास्थल तक पहुंचने का समय) पर गंभीर सवाल उठे थे।

इन बड़ी चुनौतियों से निपटने और व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए दिल्ली अग्निशमन सेवा (DFS) अब अपनी सेवाओं को आधुनिक तकनीक से लैस करने जा रही है। विभाग जल्द ही अपना एक एडवांस ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप शुरू करने की तैयारी में जुट गया है।

स्मार्टफोन ऐप से दिखेगी फायर ब्रिगेड की लाइव लोकेशन

इस नई योजना के तहत विभाग एक ऐसा मोबाइल ऐप विकसित कर रहा है, जिसे कोई भी नागरिक अपने स्मार्टफोन में आसानी से डाउनलोड कर सकेगा। आग लगने की सूचना देने के बाद कॉलर इस ऐप के जरिए दमकल वाहन की लाइव लोकेशन और उसके पहुंचने का सटीक समय देख सकेगा।

विभाग के सभी दमकल वाहनों में जीपीएस (GPS) ट्रैकर और अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे। इस नई तकनीक का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि आपात स्थिति में कंट्रोल रूम और फील्ड स्टाफ के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा तथा जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त दमकल गाड़ियां भी तुरंत भेजी जा सकेंगी।

सटीक लोकेशन न मिलने की समस्या से मिलेगा परित्राण

दमकल अधिकारियों के अनुसार, नई डिजिटल प्रणाली का सबसे बड़ा फायदा घटनास्थल की सटीक पहचान करने में मिलेगा। वर्तमान व्यवस्था में विभाग को आग की सूचना पीड़ितों या राहगीरों से मिलती है। कई बार राहगीर स्थान का स्पष्ट विवरण नहीं दे पाते, जिससे गाड़ियां रास्ता भटक जाती हैं।

नई डिजिटल प्रणाली लागू होने के बाद कॉलर की जीपीएस लोकेशन सीधे दमकल विभाग के मुख्य सिस्टम से जुड़ जाएगी। इससे वाहन बिना समय गंवाए सीधे घटनास्थल पर पहुंच सकेंगे। इसके लिए विभाग ने उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेज दिया है, जिसे आने वाले महीनों में लागू किया जाएगा।

कंट्रोल रूम की बड़ी स्क्रीन पर होगी लाइव मॉनिटरिंग

इस आधुनिक तकनीक के आने से दमकल विभाग की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव आएगा। दमकल वाहनों में लगे हाईटेक कैमरों के जरिए घटनास्थल पर चल रहे रेस्क्यू और राहत कार्यों की रियल टाइम मॉनिटरिंग सीधे मुख्य कंट्रोल रूम में लगी बड़ी एलईडी स्क्रीन पर लाइव देखी जा सकेगी।

अब तक की व्यवस्था के अनुसार, वर्तमान दमकल वाहनों में न तो जीपीएस ट्रैकर हैं और न ही कैमरे लगे हैं। मौके पर पहुंचने के बाद वहां की स्थिति की जानकारी देने के लिए कर्मचारी आज भी पारंपरिक वायरलेस वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करते हैं, जिससे कई बार संचार में देरी हो जाती है।

चीफ फायर ऑफिसर ने तकनीक को बताया बेहद कारगर

दिल्ली फायर सर्विस के चीफ फायर ऑफिसर एके मलिक ने इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य घटनास्थल पर जल्द से जल्द पहुंचकर मासूम लोगों की जान बचाना और आग या अन्य हादसों पर तुरंत नियंत्रण पाना है।

चीफ फायर ऑफिसर ने आगे बताया कि दिल्ली जैसे बेहद घनी आबादी वाले महानगर में यह नई तकनीक राहत कार्यों के लिए वरदान और बेहद कारगर साबित होगी। इसके लिए विभाग ने सरकार को औपचारिक प्रस्ताव भेज दिया है और उम्मीद है कि आगामी कुछ महीनों में यह प्रणाली पूरी तरह चालू हो जाएगी।

Author: Gaurav Malhotra

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