Delhi News: उत्तर भारत में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार जारी है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। देश की राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है। मौसम विभाग ने फिलहाल कई राज्यों में अत्यंत गंभीर स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी किया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 11 जून तक भीषण हीटवेव चलने की प्रबल आशंका है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी लोग इस समय तपती धूप और चिलचिलाती गर्मी का सामना कर रहे हैं।
मौसम में आएगा बड़ा बदलाव, ओलावृष्टि की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस भीषण गर्मी के लंबे दौर के बाद उत्तर भारत के मौसम में अचानक बड़ा बदलाव आने वाला है। 11 जून से दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के राज्यों में तेज आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली चमकने और करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने की संभावना है।
पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई है। इस खराब मौसम के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में तीर्थ यात्राओं पर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सामान्य आवाजाही में बड़ी बाधा आ सकती है।
मौसम विभाग ने शहरी इलाकों में भारी जलभराव और तेज हवाओं के कारण बाहरी गतिविधियों के लिए जोखिम जैसे खतरनाक हालात की चेतावनी दी है। लोगों को आंधी और तूफान के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और पेड़ों या कमजोर ढोंचों के नीचे खड़े न होने की विशेष सलाह दी गई है।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और मानसून लाएंगे बड़ी राहत
मौसम विभाग के मुताबिक, 11 जून को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया और बेहद सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस दस्तक देने जा रहा है। इस नए सिस्टम के प्रभाव से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कम से कम 14 जून तक व्यापक रूप से झमाझम बारिश होने का अनुमान है।
इस बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो तीन दिन की देरी के बाद 4 जून को केरल के तट पर पहुंचा था। यह मानसून अब देश के कई दक्षिणी और पूर्वी राज्यों को सराबोर कर चुका है और लगातार उत्तर भारत की तरफ कदम बढ़ा रहा है।
आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में 25 जून से 30 जून के बीच मानसून की पहली मानसूनी बारिश होने की पूरी संभावना बनी हुई है। तब तक आगामी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण होने वाली प्री-मानसून बारिश से तापमान में भारी गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
Author: Shilla Bhatia


