काफिला छोटा कर मेट्रो और ई-कार से सफर पर निकले सीएम-एलजी, विपक्ष को दी ‘लग्जरी मोह’ छोड़ने की चुनौती!

Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली में वीवीआईपी कल्चर को खत्म करने की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने आधिकारिक सरकारी काफिले को काफी सीमित करते हुए अब इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने का एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के इस नए और सादगी भरे अंदाज की हर तरफ काफी चर्चा हो रही है।

अपने इस फैसले पर अमल करते हुए मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को डॉ. बी. आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंचीं। इस दौरान वह किसी तामझाम के बिना, बेहद न्यूनतम सुरक्षा और केवल एक इलेक्ट्रिक वाहन के जरिए कार्यक्रम स्थल पर गईं। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच से घोषणा की कि वह भविष्य में भी अपने काफिले में अधिकतम केवल चार वाहनों को ही शामिल रखेंगी।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष के दोहरे चरित्र पर साधा निशाना

राजनेताओं और मंत्रियों के भारी-भरकम काफिलों पर विपक्ष द्वारा समय-समय पर उठाए गए तीखे सवालों का मुख्यमंत्री ने कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष हमेशा कहता था कि सरकार को सबसे पहले खुद पर कड़े नियम लागू करने चाहिए। हमने आज ठीक वही करके दिखा दिया है। लेकिन अब बड़ा सवाल यह है कि क्या विपक्ष के नेता भी अपना लग्जरी गाड़ियों का मोह छोड़कर आम जनता के बीच सड़कों पर उतरने का साहस दिखाएंगे?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि विपक्ष का दोहरा चरित्र अब पूरी तरह से जनता के सामने उजागर हो चुका है। वे केवल दूसरों पर उंगली उठाना जानते हैं, लेकिन खुद में बदलाव नहीं करना चाहते। वहीं दूसरी ओर, प्रधानमंत्री द्वारा ईंधन पर निर्भरता कम करने और देश में ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने की विशेष अपील के बाद दिल्ली के एलजी तरनजीत सिंह संधू ने भी एक बड़ी और सराहनीय पहल की है।

एलजी संधू ने ई-कार से मेट्रो स्टेशन जाकर किया सफर

एलजी तरनजीत सिंह संधू ने भी मुख्यमंत्री की तरह ही अपने आधिकारिक वाहनों के काफिले को तत्काल प्रभाव से काफी घटा दिया है। इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरण की सुरक्षा के लिए केवल इलेक्ट्रिक कार में ही यात्रा करने का एक बड़ा फैसला लिया है। अपने इस ऐतिहासिक निर्णय की अनुपालना करते हुए बृहस्पतिवार को वह सबसे पहले अपनी नई ई-कार से राजनिवास से निकलकर सिविल लाइंस मेट्रो स्टेशन तक पहुंचे।

इसके बाद एलजी ने सिविल लाइंस स्टेशन से टोकन लेकर आम यात्रियों की तरह दिल्ली मेट्रो में प्रवेश किया और वहां से पटेल चौक मेट्रो स्टेशन तक का सफर तय किया। एलजी और मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए इन पर्यावरण-अनुकूल कदमों की आम जनता काफी सराहना कर रही है। लोगों का मानना है कि बड़े पदों पर बैठे शीर्ष अधिकारियों और राजनेताओं द्वारा सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक गाड़ियों का उपयोग करने से समाज में एक बहुत अच्छा संदेश जाएगा।

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