Bihar News: बिहार के सियासी गलियारों में एक बार फिर वीवीआईपी बंगलों को लेकर भयंकर युद्ध शुरू हो गया है. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को अपना मौजूदा सरकारी बंगला खाली करने का कड़ा सरकारी नोटिस मिला है. इस फैसले के बाद आरजेडी ने एनडीए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
आरजेडी के वरिष्ठ नेताओं ने सूबे की एनडीए सरकार पर ‘बदले की राजनीति’ करने का सीधा आरोप लगाया है. इस तीखे सियासी हमले पर तुरंत पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकारी बंगला किसी नेता की निजी बपौती नहीं है. जनता की सेवा सबसे अहम है.
झोला उठाकर 24 घंटे में प्राइवेट घर चला जाऊंगा: सीएम चौधरी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मंगलवार को एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी का निर्देश होने पर वे महज 24 घंटे के भीतर मुख्यमंत्री का सरकारी आवास खाली कर सकते हैं. उन्हें आलीशान घरों की कोई चिंता नहीं है.
सीएम चौधरी ने लालू परिवार पर तंज कसते हुए कहा कि यहां बेटे को अलग घर चाहिए और माताजी को बिल्कुल अलग घर चाहिए. वे जनता को भूल चुके हैं. जिस दिन हमारे नेता कहेंगे, मैं अपना झोला उठाकर सीधे अपने निजी मकान में शिफ्ट हो जाऊंगा.
लालू परिवार का ठिकाना अब मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित
पटना के प्रसिद्ध 10 सर्कुलर रोड स्थित जिस बंगले में राबड़ी देवी का पूरा परिवार रह रहा है, उसे राज्य सरकार ने बदल दिया है. यह वीवीआईपी कोठी अब सूबे के नए मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम के नाम आवंटित कर दी गई है.
इस बड़े फैसले से नाराज आरजेडी के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना की है. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में कमियां उजागर करने वाले मजबूत विपक्षी दलों को जानबूझकर अलग-अलग तरीकों से प्रताड़ित किया जा रहा है.
संयुक्त मुख्यमंत्री आवास को लेकर आरजेडी ने उठाए गंभीर सवाल
सिद्दीकी ने पटना के 1 अणे मार्ग और 5 देशरत्न मार्ग स्थित दोनों बड़े बंगलों को आपस में मिलाकर ‘लोक सेवक आवास’ बनाए जाने पर भी कड़ा ऐतराज जताया है. उन्होंने सवाल किया कि दोनों परिसरों को मिलाकर संयुक्त मुख्यमंत्री आवास क्यों बनाया गया है?
आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने एनडीए सरकार पर नियमों की अनदेखी करने का बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सरकार पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का अपमान करना चाहती है. आरजेडी अब इस बेदखली आदेश के खिलाफ जल्द ही हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी.
Author: Harikarishan Sharma


