Karnataka News: राज्य की सियासत में एक बहुत ही ऐतिहासिक और गौरवशाली अध्याय की शुरुआत होने जा रही है. कर्नाटक को नया मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है जिसके भव्य स्वागत के लिए बेंगलुरु में तैयारियां तेज हैं. इस बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है.
कांग्रेस के कद्दावर नेता डीके शिवकुमार सूबे के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. इस बेहद खास मौके पर उनकी पूर्व शिक्षिका पार्वती अपने छात्र की शानदार कामयाबी पर बेहद फख्र महसूस कर रही हैं. उन्होंने शिवकुमार के छात्र जीवन की कई अनसुनी यादें साझा की हैं.
बचपन से ही शिवकुमार के खून में दौड़ती थी नेतृत्व क्षमता
शिक्षिका पार्वती ने भावुक होकर बताया कि उन्होंने डीके शिवकुमार को पांचवीं से सातवीं कक्षा तक पढ़ाया था. वे स्कूल में उनके विज्ञान और अंग्रेजी विषय की मुख्य अध्यापिका थीं. उन्होंने बताया कि शिवकुमार बचपन में पढ़ाई के मामले में एक औसत छात्र थे.
हालांकि वे खेलकूद और अन्य पाठ्येतर गतिविधियों में हमेशा सबसे आगे रहते थे. वे बचपन में बहुत नटखट और शरारती थे. पढ़ाई में शीर्ष पर न होने के बावजूद वे पूरी कक्षा में अपना दबदबा बनाए रखते थे. उनकी यही अदा शिक्षकों को पसंद आती थी.
स्कूल के हर सांस्कृतिक कार्यक्रम में नियमित लेते थे भाग
शिवकुमार स्कूल के हर बड़े कार्यक्रम जैसे वाद-विवाद, भाषण, नृत्य और नाटक में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लेते थे. उनकी अद्भुत ऊर्जा और गजब का आत्मविश्वास उन्हें बाकी आम छात्रों से बिल्कुल अलग बनाता था. वे स्कूल के दिनों से ही सबके चहेते छात्र थे.
राजनीति में आने और बड़ी सफलताएं हासिल करने के बाद भी इस शिक्षक और छात्र का अटूट रिश्ता कभी फीका नहीं पड़ा. वे लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहे. शिक्षिका पार्वती ने शिवकुमार की शादी और उनके विधायक बनने पर भी मुलाकात की थी.
नया स्कूल खोलने के लिए मुख्यमंत्री ने की थी बड़ी मदद
शिक्षिका ने बताया कि जब उन्होंने अपना एक नया स्कूल खोला था, तब शिक्षा विभाग से जरूरी कानूनी अनुमति लेने में शिवकुमार ने उनकी बहुत बड़ी मदद की थी. वे हर मुश्किल वक्त में अपनी पुरानी गुरु के साथ हमेशा एक मजबूत चट्टान की तरह खड़े रहे.
अपने प्रिय छात्र के मुख्यमंत्री बनने पर पार्वती की खुशी का ठिकाना नहीं है. उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे गौरवशाली क्षण है. शिवकुमार ने यह सर्वोच्च मुकाम अपनी दिन-रात की कड़ी मेहनत और लंबे राजनीतिक संघर्ष के बल पर हासिल किया है.
शिक्षिका ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले छात्र को दिया खास संदेश
बेंगलुरु की इस शिक्षिका ने राज्य की बागडोर संभालने वाले अपने पूर्व छात्र को एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया है. उन्होंने मुख्यमंत्री से युवाओं और स्कूली बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए राज्य की शिक्षा प्रणाली में बड़े और कड़े सुधार करने का आग्रह किया है.
शिक्षिका ने विशेष रूप से बच्चों की बढ़ती डिजिटल आदतों पर चिंता जताई है. उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि वे छात्रों के स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने के लिए कुछ लचीले और अनुकूल नियम बनाएं, ताकि युवा पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित रह सके.
Author: Suresh Gowda

