Bhagalpur News: आसमान में उमड़ते-घुमड़ते बादल, बीच-बीच में निकलती तेज धूप और फिर अचानक झमाझम बारिश। आने वाले दिनों में भागलपुर का मौसम कुछ इसी तरह के रंग बदलता हुआ नजर आने वाला है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के बिहार में प्रवेश करते ही भागलपुर जिले में मानसूनी गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों के भीतर भागलपुर समेत बिहार के सभी शेष हिस्सों में मानसून की औपचारिक दस्तक हो जाएगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भागलपुर केंद्र के वैज्ञानिकों ने बताया कि आने वाले दिनों में जिले का मौसम लगातार परिवर्तनशील बना रहेगा।
कभी खिलेगी धूप तो कभी अचानक आ सकती है आंधी-बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, दिन में कभी तेज धूप खिलेगी तो कभी अचानक घने काले बादल छा जाएंगे। जिले के कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ मूसलाधार वर्षा होने और तेज हवाएं चलने की प्रबल संभावना है। सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के कारण हवा में नमी का स्तर भी बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने बिहार के कई हिस्सों में अपनी रफ्तार बढ़ा दी है। वर्तमान समय में मानसून किशनगंज, अररिया, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा और मधुबनी जिलों तक सफलतापूर्वक पहुंच चुका है। इन क्षेत्रों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है।
भागलपुर में दर्ज हुई 25 मिलीमीटर बारिश, तापमान गिरा
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले दो से तीन दिनों के दौरान भागलपुर सहित बिहार के सभी शेष जिलों में भी मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा। इसके लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल हैं। भागलपुर में अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
भागलपुर में हवा में आर्द्रता का स्तर 86 प्रतिशत रिकॉर्ड किया गया है। यहां पूर्वी दिशा से औसतन पांच किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ठंडी हवाएं चल रही हैं। जिले में सुबह से लेकर शाम तक कुल 25 मिलीमीटर (mm) वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है, जिससे मौसम सुहाना हो गया है।
बिहार के इन जिलों में हुई रिकॉर्डतोड़ मूसलाधार वर्षा
मानसून की सक्रियता का असर अब पूरे बिहार में साफ तौर पर दिखने लगा है। राज्य के कई जिलों में भारी वर्षा दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, किशनगंज के तैयबपुर में 148 मिमी, सुपौल के सरायगढ़ भपटियाही में 106 मिमी, खगड़िया के बलतारा में 70.4 मिमी बारिश हुई है।
इसके अलावा समस्तीपुर के हसनपुर में भी 67.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। सीमांचल और उत्तर बिहार के कई इलाकों में हुई इस झमाझम बारिश से तापमान में भारी गिरावट आई है। भीषण गर्मी और उमस से परेशान चल रहे लोगों को इस बदलाव से बहुत बड़ी राहत मिली है।
किसानों के लिए वरदान है यह बारिश, वज्रपात से रहें सतर्क
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की यह सक्रियता खरीफ फसलों की बुआई के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की तैयारी कर रहे किसानों को इस बारिश से बहुत बड़ी मदद मिलेगी। इससे खेतों की सिंचाई का खर्च भी काफी कम हो जाएगा।
हालांकि, मौसम विभाग ने वज्रपात (बिजली गिरने), भीषण गरज-चमक और तेज आंधी की आशंका को देखते हुए विशेष चेतावनी जारी की है। विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को खराब मौसम के दौरान खुले खेतों या पेड़ों के नीचे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
Author: Shilla Bhatia


