Birmingham News: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप में धमाकेदार शुरुआत की है। कप्तान हरमनप्रीत कौर के नेतृत्व में भारत ने बर्मिंघम में अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 64 रनों से करारी शिकस्त दी। इस महामुकाबले में भारतीय टीम ने खेल के हर विभाग में अपना दबदबा दिखाया।
मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में छह विकेट खोकर 170 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में रनों का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की पूरी टीम 17 ओवरों में महज 106 रनों पर सिमट गई। टी20 इंटरनेशनल में भारत ने 14वीं बार पाकिस्तान को धूल चटाई है।
दीप्ति शर्मा और स्मृति मंधाना ने मैदान पर मचाया भयंकर गदर
टीम की सीनियर खिलाड़ी दीप्ति शर्मा इस शानदार जीत की मुख्य नायक रहीं। उन्होंने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए अपने चार ओवरों के स्पेल में केवल 10 रन देकर पांच महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। इससे पहले उन्होंने बल्लेबाजी में भी नाबाद 12 रनों का एक उपयोगी योगदान दिया था।
इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही दीप्ति शर्मा महिला टी20 इंटरनेशनल प्रारूप में दुनिया की सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गई हैं। उन्होंने थाईलैंड की थिपाचा पुत्थावोंग के 165 विकेटों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दीप्ति की घातक स्पिन गेंदबाजी के सामने पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने पूरी तरह सरेंडर कर दिया।
दूसरी तरफ स्टार ओपनर स्मृति मंधाना ने भी अपने बल्ले से मैदान पर जमकर रनों की बरसात की। इस बाएं हाथ की आक्रामक बल्लेबाज ने केवल 44 गेंदों का सामना करते हुए नौ चौकों और दो शानदार छक्कों की मदद से 68 रनों की तूफानी अर्धशतकीय पारी खेली।
स्मृति मंधाना को इस मैच के दौरान दो जीवनदान मिले, जिसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाया। मंधाना ने इस पारी के साथ ही कप्तान हरमनप्रीत कौर के 86 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वह अब महिला टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली भारतीय बल्लेबाज बन चुकी हैं।
कप्तान हरमनप्रीत और ऋचा घोष ने पलटी मैच की पूरी बाजी
कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी मध्यक्रम में सूझबूझ दिखाते हुए टीम के लिए एक बेहद अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 35 गेंदों में चार चौकों की मदद से 36 रन बनाए। हरमनप्रीत ने स्मृति मंधाना के साथ तीसरे विकेट के लिए 91 रनों की बड़ी साझेदारी की।
इस साझेदारी की बदौलत भारतीय टीम शुरुआती झटकों से उबरकर संकट की स्थिति से बाहर निकलने में सफल रही। इसके बाद हरमनप्रीत ने मैदान पर अपनी चतुर कप्तानी का बेहतरीन नजारा पेश किया। उन्होंने सही समय पर गेंदबाजी में बदलाव करके पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया।
भारत की युवा पावर हिटर ऋचा घोष ने अंतिम ओवरों में आकर तेज पारी खेली। उन्होंने अपनी उपयोगिता साबित करते हुए केवल 17 गेंदों में पांच चौकों और एक छक्के की मदद से 34 रन बटोरे। ऋचा ने विरोधी गेंदबाज तास्मिया रुबाब के एक ओवर में 23 रन लूटे।
ऋचा घोष की इसी आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर टीम इंडिया अंतिम ओवरों में 170 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में सफल रही। वहीं युवा स्पिनर श्री चरणी ने भी बेहतरीन साथ निभाते हुए चार ओवर में 21 रन देकर पाकिस्तान के तीन मुख्य बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।
Author: Prem Sharma


