हिमाचल प्रदेश: खेल छात्रावासों में अब ट्रायल नहीं, रैंकिंग के आधार पर मिलेगा दाखिला

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने खेल प्रतिभाओं के लिए बड़ा बदलाव किया है। अब खेल छात्रावासों में दाखिला ट्रायल से नहीं होगा। अंडर-14 प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को परखा जाएगा। इसके आधार पर उनकी रैंकिंग बनेगी। इसी रैंकिंग के अनुसार योग्य खिलाड़ियों को सीधा दाखिला मिलेगा। स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने इस प्रक्रिया को लागू करने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं।

विभाग ने क्यों खत्म की पुरानी ट्रायल व्यवस्था

पहले विभाग दाखिले के लिए केवल ट्रायल आयोजित करता था। अधिकारियों ने महसूस किया कि इस पुरानी प्रक्रिया में कई बेहतरीन खिलाड़ी पीछे छूट जाते थे। हिमाचल के चंबा और सिरमौर जैसे दूरदराज के इलाकों से बच्चे ट्रायल में नहीं आ पाते थे। लंबी दूरी और कम संसाधनों के कारण उनका नुकसान होता था। अब नई व्यवस्था में विभाग खुद उनकी रैंकिंग तय करेगा। इसके बाद उन्हें दाखिले के लिए बुलाया जाएगा।

ग्यारह छात्रावासों में मिलेगी छह प्रमुख खेलों की कोचिंग

हिमाचल प्रदेश में स्कूल शिक्षा निदेशालय कुल ग्यारह खेल छात्रावासों का संचालन करता है। इनमें खिलाड़ियों को मुख्य रूप से छह प्रमुख खेलों का गहन प्रशिक्षण दिया जाता है। इन खेलों में बास्केटबाल, फुटबाल, हाकी, बैडमिंटन, वालीबाल, कबड्डी और बाक्सिंग को शामिल किया गया है। विभाग खिलाड़ियों के लिए लगातार नई सुविधाएं बढ़ा रहा है। हाल ही में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने छात्रावासों में जिम के उपकरण खरीदने के लिए अलग से बजट भी मंजूर किया है।

दाखिले की नई प्रक्रिया और पिछले साल की बड़ी सफलता

पिछले वर्ष विभाग के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चौदह मेडल जीते थे। नई चयन प्रक्रिया में एक सीट के लिए तीन खिलाड़ियों को आमंत्रित किया जाएगा। सबसे पहले जोन स्तर पर खेल मुकाबले होते हैं। फिर जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए छात्रों का चयन होता है। राज्य स्तर पर विभागीय समिति हर खिलाड़ी का प्रदर्शन देखती है। उनकी उपलब्धियों के आधार पर ही रैंकिंग और दाखिला तय होता है।

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories