Spiritual News: आज 29 मई 2026 को ज्येष्ठ अधिकमास शुक्ल त्रयोदशी तिथि और शुक्रवार का बेहद शुभ संयोग बना है। आज के दिन रवि योग का निर्माण हो रहा है, जो सुबह 10 बजकर 38 मिनट से शुरू होकर अगले दिन सुबह तक रहेगा। इस योग में सूर्य का प्रभाव अधिक होने से सभी दोष दूर हो जाते हैं।
आज के दिन शुक्रवार व्रत और धन की देवी माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। यदि आप शुक्रवार का व्रत रख रहे हैं, तो सुबह दैनिक पूजा संपन्न कर लें। इसके बाद शाम को प्रदोष काल में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना करना अत्यंत फलदायी और समृद्धि देने वाला माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्यास्त के बाद पूजा स्थान पर माता लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें। उन्हें अक्षत्, फूल, चंदन, धूप और दीप अर्पित करें। भगवान गणेश को मोदक और माता लक्ष्मी को सफेद बर्फी, लड्डू, बताशे और फलों का भोग लगाएं। इसके बाद शुक्रवार व्रत कथा का श्रवण करें।
माता लक्ष्मी की कृपा पाने के उपाय
पूजा के दौरान माता लक्ष्मी के विशेष मंत्रों का जाप करें या श्री सूक्त का पाठ करें। ऐसा करने से घर में धन, संपत्ति और सुख-सुविधाओं में वृद्धि होती है। यदि आपकी कुंडली में शुक्र दोष है, तो आज सफेद वस्त्र, चावल, दही, इत्र और सौंदर्य सामग्री का दान करना बेहद शुभ माना जाता है।
पंचांग के अनुसार आज त्रयोदशी तिथि सुबह 09:50 बजे तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी। वहीं स्वाति नक्षत्र सुबह 10:38 बजे तक रहेगा और इसके बाद विशाखा नक्षत्र लगेगा। आज चंद्रमा पूरे दिन तुला राशि में गोचर करेंगे, जिससे मानसिक शांति और शुभता बनी रहेगी।
आज दिन का सबसे शुभ समय यानी अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक रहेगा। किसी भी नए और शुभ कार्य की शुरुआत के लिए यह समय सर्वोत्तम माना जाता है। इसके अलावा विजय मुहूर्त दोपहर 02:37 बजे से 03:32 बजे तक रहेगा, जो कार्यों में सफलता दिलाता है।
राहुकाल और अशुभ समय का रखें ध्यान
हिंदू धर्म में शुभ कार्यों के दौरान वर्जित माने जाने वाले राहुकाल का समय आज सुबह 10:35 बजे से दोपहर 12:19 बजे तक रहेगा। इस दौरान किसी भी तरह के नए काम की शुरुआत या यात्रा करने से बचना चाहिए। आज यमगण्ड काल दोपहर 03:46 बजे से शाम 05:29 बजे तक रहेगा।
आज दिशाशूल पश्चिम दिशा में है, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से परहेज करें। यदि यात्रा बेहद जरूरी हो, तो कुछ उपाय करके ही घर से निकलें। आज का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:03 बजे से 04:44 बजे तक रहेगा, जो साधना और ध्यान के लिए सबसे उत्तम समय माना जाता है।
चौघड़िया मुहूर्त के अनुसार, आज अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 08:52 बजे से 10:35 बजे तक रहेगा। वहीं रात का लाभ-उन्नति मुहूर्त रात 09:46 बजे से 11:02 बजे तक रहेगा। आज भगवान शिव का वास सुबह 09:50 बजे तक नन्दी पर रहेगा और उसके बाद भोजन में रहेगा, जो सामान्य फलदायी है।
Author: Pandit Balkrishan Sharma


