Himachal Pradesh News: प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करने में अहम भूमिका निभाएगी। शिमला में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान सांसद सुरेश कश्यप ने यह बड़ी बात कही। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सीधे औपचारिक रोजगार व्यवस्था से जोड़ना है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने देशभर के करोड़ों लाभार्थियों को सीधे संबोधित किया। इस खास अवसर पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया और केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे भी ऑनलाइन माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़े रहे।
पैसा और रोजगार का सबसे बड़ा सरकारी प्लान
सांसद सुरेश कश्यप ने बताया कि लगभग 99,446 करोड़ रुपये के भारी बजट वाली यह योजना देश का भाग्य बदलेगी। सरकार इस योजना के जरिए देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी। इससे करीब 1.92 करोड़ युवाओं को पहली बार नौकरी करने का मौका मिलेगा।
उन्होंने गर्व से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। मौजूदा समय में देश के भीतर 1.8 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप काम कर रहे हैं। इन सभी ने युवाओं के लिए बड़े अवसर पैदा किए हैं।
नौकरी मांगने वाले नहीं, अब नौकरी देने वाले बनें
स्टार्टअप इंडिया अभियान ने आज के युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनने के लिए प्रेरित किया है। कश्यप ने आगे कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ हिमाचल प्रदेश के लाखों जरूरतमंद परिवारों तक लगातार पहुंच रहा है।
राज्य में आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना ने लोगों का जीवन बदला है। इसके अलावा किसान सम्मान निधि, जनधन योजना और पीएम स्वनिधि जैसी बेहतरीन सरकारी योजनाओं ने भी आम जनता के जीवन स्तर में बहुत सकारात्मक सुधार किया है।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं, किसानों, महिलाओं, श्रमिकों और बड़े उद्यमियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है। विकसित भारत रोजगार योजना देश को दुनिया का सबसे विकसित राष्ट्र बनाने के बड़े लक्ष्य को और अधिक मजबूती देगी।
Reported By: Sunita Gupta


