Himachal Panchayat Election: बिना एक भी SC वोटर के आरक्षित हुआ वार्ड, चुनाव रोस्टर का यह अजीबोगरीब खेल देख उड़ जाएंगे आपके होश!

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज चुनावों का रोस्टर जारी होते ही विवाद सामने आने लगे हैं। सबसे हैरान करने वाला मामला मंडी जिले के सराज विधानसभा क्षेत्र का है। यहां थाची पंचायत के वार्ड नंबर दो खलवाहण को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि इस वार्ड में इस वर्ग का एक भी मतदाता मौजूद नहीं है। प्रशासन के इस अजीबोगरीब फैसले ने स्थानीय लोगों और उम्मीदवारों को पूरी तरह से चौंका दिया है।

बिना मतदाता कैसे आरक्षित हुआ वार्ड

थाची पंचायत में कुल सात वार्ड मौजूद हैं। पिछली बार खलवाहण वार्ड अनारक्षित था और यहां से जमना देवी वार्ड पंच चुनी गई थीं। इस बार प्रशासन ने इसे आरक्षित कर दिया है। यदि यह रोस्टर नहीं बदला जाता है, तो इस वार्ड का कोई भी निवासी चुनाव नहीं लड़ पाएगा। ऐसे में इस वार्ड का प्रतिनिधित्व किसी अन्य वार्ड के सदस्य को सौंपना पड़ेगा। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।

पूर्व प्रधान और स्थानीय लोगों की मांग

पंचायत के पूर्व प्रधान हीरा लाल ने इस रोस्टर पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि खलवाहण वार्ड की कुल जनसंख्या लगभग 220 है और करीब 150 मतदाता हैं। पूरे वार्ड में अनुसूचित जाति का एक भी परिवार नहीं रहता है। इसके बावजूद इसे आरक्षित करना पूरी तरह से समझ से परे है। समाजसेवी बंटी सराजी ने प्रशासन पर तथ्यों को अनदेखा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले की गहन जांच मांगी है।

केओली पंचायत में भी बदला गया रोस्टर

सराज क्षेत्र की केओली पंचायत में भी बदले हुए रोस्टर ने लोगों को हैरान कर दिया है। यह नई पंचायत लंबाथाच से अलग होकर बनी है। साल 2020 के चुनाव में यहां महिला प्रधान चुनी गई थीं। प्रशासन ने पहले जारी रोस्टर में इसे अनारक्षित रखा था। इसके बाद कई नए उम्मीदवार चुनाव की तैयारी में जुट गए थे। लेकिन बाद में दोबारा जारी हुए रोस्टर में इसे अचानक फिर महिलाओं के लिए आरक्षित कर दिया गया।

प्रशासन ने दी लिखित शिकायत की सलाह

रोस्टर से जुड़ी इन विसंगतियों पर प्रशासन का रुख बिल्कुल साफ है। बालीचौकी के एसडीएम विचित्र सिंह ने इस मामले पर अपना आधिकारिक बयान दिया है। उनका कहना है कि पंचायतों का रोस्टर पूरी तरह से नियमों के अनुसार ही बनाया गया है। प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने का दावा किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को रोस्टर से कोई आपत्ति है, तो वह कार्यालय में अपनी लिखित शिकायत दर्ज करवा सकता है।

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