Himachal News: हिमाचल प्रदेश के दूध उत्पादक किसानों के लिए एक शानदार खबर आई है। दुग्ध उत्पादकों को अब हर महीने बंपर मुनाफा हो रहा है। किसानों को औसतन चौंतीस करोड़ रुपये से ज्यादा का फायदा मिल रहा है। यह अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। सरकार के प्रवक्ता ने शनिवार को इस बात की पूरी जानकारी दी। सरकार के नए और बेहतरीन फैसलों से छोटे सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति अब पूरी तरह से बदल गई है।
हर दिन बिक रहा पौने तीन लाख लीटर दूध
राज्य दुग्ध संघ ने दूध खरीद प्रक्रिया को आसान बनाया है। अब किसानों से हर दिन पौने तीन लाख लीटर दूध खरीदा जा रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में यह आंकड़ा काफी कम था। तब दुग्ध संघ हर दिन सिर्फ डेढ़ लाख लीटर दूध खरीदता था। अब सरकारी टीमें सीधे किसानों के घर पहुंच रही हैं। घर से दूध इकट्ठा करने की सुविधा से किसानों को बहुत बड़ी राहत मिली है।
बजट में तय हुए दूध के शानदार दाम
राज्य सरकार ने तीन सालों में दूध की कीमतों में इजाफा किया है। आगामी बजट में कई बड़े ऐलान हुए हैं। गाय के दूध की कीमत इकसठ रुपये प्रति लीटर तय कर दी गई है। भैंस का दूध अब इकहत्तर रुपये प्रति लीटर खरीदा जाएगा। इन बेहतरीन कीमतों से दुग्ध उत्पादकों की आय में भारी वृद्धि हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान इस मुनाफे व्यवसाय से तेजी से जुड़ रहे हैं।
दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़ रहे नए लोग
दुग्ध क्षेत्र में सरकारी सुधारों का शानदार असर दिख रहा है। गांवों में दुग्ध समितियों से जुड़ने वाले किसानों की संख्या तेजी से बढ़ी है। तीन सालों में यह आंकड़ा सत्ताईस हजार से बढ़कर उनतालीस हजार पहुंच गया है। राज्य में सक्रिय समितियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। पहले इनकी संख्या पांच सौ तेरासी थी। अब इन सक्रिय समितियों की संख्या बढ़कर सात सौ अट्ठावन हो गई है।
महिला स्वयं सहायता समूहों को मिल रहा रोजगार
सरकार दूध उत्पादक समूहों को बढ़ावा दे रही है। महिला समूहों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। इस पहल से राज्य में दूध का उत्पादन तेजी से बढ़ा है। ग्रामीण इलाकों में लोगों को रोजगार के स्थायी अवसर मिल रहे हैं। योजना के फायदे:
- दूध उत्पादकों की कमाई काफी बढ़ी है।
- ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिली है।
- युवाओं का शहर पलायन रुक रहा है।


