स्मार्ट मीटर लगाने और उपभोक्ताओं को धमकाने के खिलाफ चौंतड़ा में सड़कों पर उतरे व्यापारी, आंदोलन की दी चेतावनी

Mandi News: हिमाचल प्रदेश के चौंतड़ा में स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध तेज हो गया है। स्थानीय व्यापारियों ने जिला परिषद् सदस्य कुशाल भारद्वाज की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने प्राइवेट कंपनी और बिजली बोर्ड के कर्मचारियों पर उपभोक्ताओं को डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। व्यापारियों ने एकजुट होकर आंदोलन की रणनीति बनाई है।

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इस विरोध प्रदर्शन में व्यापार मंडल चौंतड़ा के अध्यक्ष अनिल ठाकुर और उपाध्यक्ष अनिल सूद शामिल हुए। उनके साथ सचिव रविंदर कुमार, त्रिलोक चौहान, डॉक्टर प्रभात शर्मा और सुरेन्द्र राणा भी मौजूद रहे। बैठक में पंकज सूद, पंकज चौधरी और रंगीलू राम सहित भारी संख्या में दुकानदारों ने हिस्सा लिया।

बिजली के निजीकरण के खिलाफ व्यापारियों ने बनाई रणनीति

स्थानीय दुकानदारों ने कुशाल भारद्वाज के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इसमें प्राइवेट कंपनी के कर्मियों की दादागिरी और बिजली बोर्ड के अधिकारियों की धमकियों के खिलाफ एकजुट रणनीति बनी। व्यापारियों ने इस आंदोलन में क्षेत्र के सभी उपभोक्ताओं को शामिल करने का फैसला किया है।

जिला परिषद् सदस्य कुशाल भारद्वाज ने कहा कि स्मार्ट मीटर योजना बिजली वितरण के निजीकरण की शुरुआत है। इससे उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली सब्सिडी बंद हो जाएगी। इसके साथ ही बिजली बोर्ड के कर्मचारियों की छंटनी होगी और उनकी पेंशन योजना पर भी खतरा मंडराने लगेगा।

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अम्बानी और अदानी जैसे कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने का आरोप

भारद्वाज ने कहा कि बिजली आपूर्ति अधिनियम-1948 का मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक विकास करना था। इसके तहत सामाजिक टैरिफ की अवधारणा पर जोर दिया गया था। लेकिन वर्तमान केंद्र और राज्य सरकार बिजली क्षेत्र के निजीकरण के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली वितरण का कार्य अम्बानी-अदानी जैसे कॉर्पोरेट घरानों को सौंपने की तैयारी है। इससे राज्य बिजली बोर्ड समाप्त हो जाएगा। इस फैसले से लाखों कर्मचारियों की नौकरी जाएगी। सबसे बड़ी चोट आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगी, जिन्हें बहुत महंगी बिजली मिलेगी।

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