बाजार से भी शुद्ध और खुशबूदार गुलकंद अब बनाएं घर पर, जानिए धूप में तैयार करने की पारंपरिक विधि

Recipe Tips: बाजार में मिलने वाला गुलकंद तो आपने कई बार खाया होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे घर पर बनाना बेहद आसान है? असली और पारंपरिक गुलकंद किसी मशीन या गैस चूल्हे पर नहीं, बल्कि धूप की प्राकृतिक गर्माहट में धीरे-धीरे पककर तैयार होता है।

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यही वजह है कि पारंपरिक तरीके से बने गुलकंद का स्वाद और भीनी-भीनी खुशबू बाजार वाले प्रॉडक्ट्स से कहीं ज्यादा बेहतर होती है। अगर आप भी बिना किसी मिलावट और आर्टिफिशियल केमिकल के घर पर ही फ्रेश गुलकंद बनाना चाहते हैं, तो इस आसान रेसिपी को जरूर आजमाएं।

घर पर गुलकंद बनाने के लिए जरूरी सामग्री

शुद्ध गुलकंद तैयार करने के लिए आपको सिर्फ चार चीजों की जरूरत होगी। इसके लिए अच्छी क्वालिटी की ताजी देसी गुलाब की पंखुड़ियां, चीनी (शक्कर), शुद्ध केसर के कुछ धागे और थोड़ी सी पिसी हुई हरी इलायची ले लें। इन सामग्रियों से गुलकंद का स्वाद लाजवाब हो जाता है।

सबसे पहले गुलाब की पंखुड़ियों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद इन्हें एक सूती कपड़े पर फैलाकर पंखे की हवा में पूरी तरह सुखा लें। ध्यान रखें कि पंखुड़ियों में थोड़ा सा भी पानी या नमी नहीं रहनी चाहिए, वरना गुलकंद बहुत जल्दी खराब हो सकता है।

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जानिए स्टेप-बाय-स्टेप गुलकंद बनाने का तरीका

एक साफ और सूखा कांच का जार लें। इसमें पहले गुलाब की पंखुड़ियों की एक परत बिछाएं, फिर ऊपर से चीनी डालें। इसके बाद थोड़ा सा केसर और इलायची पाउडर छिड़कें। इसी तरह एक के बाद एक परत (लेयर) बनाकर पूरे जार को ऊपर तक अच्छी तरह भर दें।

अब जार का ढक्कन कसकर बंद करें और इसे 15 से 20 दिनों तक रोजाना तेज धूप में रखें। हर दो-तीन दिन में एक सूखे चम्मच से इसे ऊपर-नीचे मिलाते रहें। धूप की गर्मी से चीनी अपने आप पिघल जाएगी और गुलाब की पंखुड़ियां एक गाढ़े, मीठे और खुशबूदार मिश्रण में बदल जाएंगी।

सेहत के लिए क्यों वरदान है पारंपरिक गुलकंद

आयुर्वेद में गुलकंद को शरीर को प्राकृतिक ठंडक देने वाला एक बेहतरीन विकल्प बताया गया है। गर्मियों और तपती धूप के मौसम में इसका नियमित सेवन शरीर की गर्मी को शांत करता है। कई लोग इसे पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने और मुंह के छालों से राहत पाने के लिए भी बेहद उपयोगी मानते हैं।

गुलकंद को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए हमेशा कांच के जार का ही इस्तेमाल करें। जार में कभी भी गीला चम्मच न डालें और न ही इसे नमी वाले स्थान पर रखें। इस आसान घरेलू विधि से तैयार गुलकंद में चीनी एक नेचुरल प्रिजर्वेटिव का काम करती है, जिससे यह सालों-साल खराब नहीं होता।

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