यातायात नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वालों पर बड़ी गाज, अब सीधे निरस्त होंगे डीएल और आरसी

Prayagraj News: सड़क पर बार-बार यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ अब केवल जुर्माना ही नहीं लगेगा। ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग ने मिलकर ऐसे लापरवाह चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र को हमेशा के लिए निरस्त करने की बड़ी तैयारी कर ली है।

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लापरवाह वाहन चालकों की सूची आरटीओ को भेजी गई

ट्रैफिक पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाले करीब बासठ सौ वाहन चालकों की एक विस्तृत सूची आरटीओ को भेज दी है। ये ऐसे चालक हैं जिनके खिलाफ तीन या उससे अधिक बार ई-चालान दर्ज हुए हैं। निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी इन्होंने अपने चालानों का भुगतान नहीं किया।

यातायात विभाग ने साफ किया है कि यह दंडात्मक कार्रवाई अचानक नहीं की जाती है। किसी भी वाहन स्वामी का लाइसेंस या पंजीकरण सीधे रद्द नहीं होता। विभाग चालकों को अपना पक्ष रखने और जुर्माना जमा करने के कई अवसर देता है। इसके बाद ही उन्हें रिपीट ऑफेंडर माना जाता है।

पैंतालीस दिन तक पुलिस रिकॉर्ड में रहता है चालान

ई-चालान कटने के बाद वह सबसे पहले पैंतालीस दिनों तक ट्रैफिक पुलिस के रिकॉर्ड में सुरक्षित रहता है। इस अवधि में निस्तारण न होने पर मामला सीधे वर्चुअल कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया जाता है। वहां वाहन स्वामियों को भुगतान के लिए पंद्रह से बीस दिन का अतिरिक्त समय मिलता है।

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इसके बाद भी लापरवाही बरतने पर मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट यानी सीजेएम कोर्ट में पहुंचता है। यहां लोक अदालत के माध्यम से भी निस्तारण का आखिरी मौका दिया जाता है। इन सभी चरणों के बाद भी जुर्माना न भरने पर ही आरसी निरस्तीकरण की संस्तुति भेजी जाती है।

हेलमेट न पहनना और सिग्नल तोड़ना सबसे मुख्य वजह

आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक चालान बिना हेलमेट गाड़ी चलाने और ट्रैफिक सिग्नल जंप करने के मामलों में हो रहे हैं। इसके अलावा बिना फिटनेस वाले अनियंत्रित वाहन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी भी इस कार्रवाई का मुख्य आधार बन रहे हैं। शहर में हर साल हजारों चालान किए जाते हैं।

परिवहन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि लगातार नियम तोड़ने वाले चालकों पर ऐसी सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है। इससे सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ में तेजी से कमी आएगी। इस मुहिम का असली उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को व्यावहारिक रूप से मजबूत बनाना है।

सेफ फ्यूचर मिशन के तहत संयुक्त अभियान शुरू

परिवहन विभाग ने एक जुलाई से ‘सेफ फ्यूचर मिशन’ के तहत एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत बिना फिटनेस वाले वाहनों और स्कूल बसों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। नियमों का पालन करने वाले ईमानदार चालकों को इससे कोई परेशानी नहीं होगी।

पुलिस इससे पहले भी चौतीस ड्राइविंग लाइसेंस पूरी तरह निरस्त कर चुकी है। वहीं करीब सौ से अधिक अनफिट स्कूल वाहनों की आरसी भी रद्द की गई है। आरसी निरस्त करने से पहले वाहन का पंजीकरण तीन महीने के लिए निलंबित करके सुधरने का पूरा मौका दिया जाता है।

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