Patna News: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले आगामी उपचुनाव के लिए जन सुराज पार्टी ने प्रशांत किशोर को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद राज्य में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सत्तारूढ़ बीजेपी और जेडीयू गठबंधन के दिग्गज नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक मंगल पांडेय ने इस फैसले पर सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में हर नागरिक को चुनाव लड़ने का अधिकार है। कोई भी योग्य मतदाता इस उपचुनाव में उम्मीदवार बन सकता है, इसलिए इस घोषणा में कोई बड़ी बात नहीं है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बोला तीखा हमला
दूसरी तरफ बीजेपी के कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर लगातार बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे केवल झूठ की राजनीति करते हैं और अब उनकी यह राजनीतिक दुकान पूरी तरह बंद हो चुकी है।
वहीं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद राजेश वर्मा ने प्रशांत किशोर को लोकतांत्रिक मर्यादा के तहत नए चुनाव के लिए अपनी शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि कोई भी व्यक्ति कहीं से भी चुनाव लड़ सकता है, लेकिन अंतिम फैसला जनता ही करेगी।
जेडीयू नेताओं ने की प्रशांत किशोर की हार की भविष्यवाणी
जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंदेश्वर प्रसाद ने इस राजनैतिक कदम को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी कर दी है। उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक चुनावी मैदान में उतरने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है, लेकिन उनकी समझ के अनुसार प्रशांत किशोर इस चुनाव में बहुत बुरी तरह से हारने वाले हैं।
बिहार सरकार के कद्दावर मंत्री अशोक चौधरी ने भी इस विषय पर संक्षिप्त टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था और राजनीति में हर व्यक्ति को अपनी किस्मत आजमाने का पूरा अधिकार है। इसलिए जन सुराज पार्टी के इस फैसले से मुख्य धारा की राजनीति पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
कैबिनेट मंत्री शैलेश कुमार मंडल ने प्रशांत किशोर की चुनावी तैयारियों पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जन सुराज पार्टी पिछले विधानसभा चुनावों में भी अपनी किस्मत आजमा चुकी है। उस समय जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया था, इसलिए बांकीपुर उपचुनाव से एनडीए गठबंधन को कोई फर्क नहीं पड़ता है।
