National News: पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल घने हो गए हैं। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। इस महायुद्ध का असर भारत पर भी पड़ सकता है। इसी खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा कदम उठाया। शुक्रवार शाम उन्होंने देश के सभी मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ एक अहम बैठक की। ढाई घंटे तक चली इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में संकट से निपटने की रणनीति बनी। चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुए। वहां आदर्श आचार संहिता लागू है। इसलिए उन राज्यों के मुख्य सचिवों ने अलग से कैबिनेट सचिवालय के साथ बैठक की।
कोविड जैसी ‘टीम इंडिया’ की जरूरत
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में राज्यों की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सभी मुख्यमंत्रियों के सुझावों को बहुत ध्यान से सुना। पीएम मोदी ने साफ कहा कि इस संकट से निपटने के लिए सतर्कता बहुत जरूरी है। हमें हर हाल में पूरी तरह से तैयार रहना होगा। उन्होंने देश के सामने कोरोना महामारी के दिनों को याद किया। उस समय केंद्र और राज्यों ने ‘टीम इंडिया’ बनकर काम किया था। उसी एकता से हमने सप्लाई चेन और व्यापार को टूटने से बचाया था। पीएम मोदी ने कहा कि आज फिर उसी भावना की जरूरत है। यही एकजुटता हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन पर सख्त निर्देश
केंद्र सरकार ने इस वैश्विक तनाव को पूरी गंभीरता से लिया है। तीन मार्च से ही एक अंतर-मंत्रालयी समूह हालात पर लगातार नजर रखे हुए है। यह समूह रोज समीक्षा कर रहा है और तुरंत जरूरी फैसले ले रहा है। बैठक में सरकार की चार अहम प्राथमिकताएं तय की गईं। इनमें अर्थव्यवस्था को स्थिर रखना और नागरिकों की सुरक्षा सबसे ऊपर है। ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन को मजबूत करना भी सरकार का मुख्य लक्ष्य है। पीएम मोदी ने राज्यों को जमाखोरी और मुनाफाखोरी रोकने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य और जिला स्तर पर तुरंत कंट्रोल रूम बनाने को कहा है।
किसानों की चिंता और ऊर्जा पर खास फोकस
देश में खरीफ की फसल का सीजन करीब आ रहा है। ऐसे में किसानों को खाद और उर्वरक की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। सरकार ने इसके भंडारण और वितरण पर कड़ी निगरानी रखने को कहा है। संकट के समय देश में अफवाहों का बाजार भी गर्म हो सकता है। पीएम मोदी ने गलत जानकारी और ऑनलाइन धोखाधड़ी से पूरी तरह बचने की सलाह दी है। सीमावर्ती और तटीय राज्यों को खास तौर पर सतर्क रहने को कहा गया है। विदेश में रह रहे भारतीयों की मदद के लिए नई हेल्पलाइन बनाई जाएंगी। वैकल्पिक ऊर्जा जैसे सौर ऊर्जा और बायोगैस को भी तेजी से बढ़ावा दिया जाएगा।
पेट्रोल-डीजल और गैस पर मिली राहत
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इस महत्वपूर्ण बैठक में मौजूद थे। उन्होंने देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता का पक्का भरोसा दिया। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाने का बड़ा कदम उठाया है। कमर्शियल एलपीजी का आवंटन भी 50 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 70 प्रतिशत कर दिया गया है। मुख्यमंत्रियों ने पीएम मोदी के इन सभी फैसलों का खुलकर स्वागत किया। वैश्विक अनिश्चितता के बीच यह देश की आम जनता के लिए बहुत बड़ी राहत है। मुख्यमंत्रियों ने केंद्र के साथ मिलकर काम करने का पूरा भरोसा जताया है।


