New Delhi News: केंद्र सरकार ने देश के सहकारी बैंकों और जैविक खेती को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में एक अहम बैठक की। इसमें सहकारी बैंकिंग प्रणाली को मजबूत करने और जैविक उत्पादों की वैश्विक पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया गया।
सहकारिता मंत्री ने सभी सहकारी बैंकों से जल्द से जल्द आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म और मजबूत साइबर सुरक्षा आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। ग्रामीण सहकारी बैंकों को सहकार सारथी योजना से जुड़कर अपनी कार्यक्षमता में सुधार करने का बड़ा निर्देश दिया गया है।
शहरी बैंकों के लिए नया सिस्टम
शहरी सहकारी बैंकों को भी एक बड़े नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी चल रही है। अमित शाह ने इन बैंकों को नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन से जुड़ने को कहा है। इसके जरिए छोटे और मध्यम बैंक कम लागत में अपने ग्राहकों को बेहतरीन और आधुनिक बैंकिंग सुविधाएं दे सकेंगे।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए भी सरकार ने ठोस रणनीति तैयार की है। नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड को जैविक किसानों से ज्यादा उत्पाद खरीदने का निर्देश मिला है। किसानों के उत्पादों की सही मैपिंग, परीक्षण और प्रमाणन में पूरी मदद की जाएगी। इससे उन्हें बाजार में बेहतर दाम मिल सकेंगे।
किसानों को मिलेगा ग्लोबल मार्केट
सहकारी उत्पादों को अब दुनिया भर के बाजारों में पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट्स लिमिटेड को वैश्विक स्तर पर नए अवसर तलाशने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। सरकार की योजना है कि विशेष सहकारी उत्पादों की पहचान बढ़ाकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अलग और मजबूत ब्रांड बनाया जाए।
सहकारी बैंकों के लिए खास तौर पर ‘बैंक.इन’ डोमेन विकसित किया गया है। इसकी सफलता को लेकर बैंकों से काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इसके अलावा, साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए म्यूलहंटर एआई को साइबर सुरक्षा प्रणाली के साथ जोड़ा है।
म्यूलहंटर एआई के जरिए संदिग्ध लेनदेन की पहचान अब बहुत तेजी से होगी। यह भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के साथ मिलकर धोखाधड़ी पर लगाम लगाएगा। इससे सहकारी बैंकों की सुरक्षा क्षमता काफी हद तक बढ़ जाएगी। नतीजतन, आम जनता का डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर भरोसा और भी ज्यादा मजबूत हो सकेगा।
बैठक में सहकार सारथी प्राइवेट लिमिटेड के कामकाज की भी गहराई से जांच की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस संस्था ने डिजिटल भुगतान को आसान बनाने वाली एईपीएस सेवाएं सफलतापूर्वक शुरू कर दी हैं। यह अहम कदम ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं को घर-घर पहुंचाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
Author: Gaurav Malhotra


