Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने जनगणना कार्यों में लगे कर्मचारियों के लिए एक बड़ा आदेश जारी किया है। राज्य सरकार ने जनगणना-2027 ड्यूटी में तैनात सभी अधिकारियों और कर्मियों के ट्रांसफर पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। अब अगले साल 31 मार्च 2027 तक इन सभी कर्मचारियों का तबादला नहीं हो सकेगा।
सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को भेजा महत्वपूर्ण पत्र
सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी विभागों के प्रमुखों और जिला उपायुक्तों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार का मानना है कि जनगणना का काम बेहद संवेदनशील और जरूरी होता है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या कर्मचारियों की कमी से पूरी प्रक्रिया में बाधा पैदा हो सकती है।
राज्य के अतिरिक्त दंडाधिकारी यानी एडीएम स्तर से भी जिलों के सभी ऑफिस को पत्र भेज दिए गए हैं। इस सरकारी लेटर के साथ उन सभी कर्मचारियों की पूरी लिस्ट भी अटैच की गई है, जिनकी ड्यूटी जनगणना में लगी है। प्रशासन ने साफ किया है कि ट्रांसफर लिस्ट बनाते समय इन नामों को पूरी तरह बाहर रखा जाए।
जनगणना अधिनियम के तहत कर्मचारियों को मिली बड़ी वैधानिक जिम्मेदारियां
सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये कर्मी जनगणना अधिनियम 1948 के नियमों के तहत काम कर रहे हैं। कानूनी रूप से इन कर्मचारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इसी कानूनी बाध्यता के कारण सरकार ने तय किया है कि जब तक यह नेशनल टास्क पूरा नहीं होता, तब तक इनकी सेवाएं अनिवार्य रहेंगी।
इस बार हिमाचल प्रदेश में जनगणना का महाअभियान 1 जून से आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुका है। पूरे प्रदेश में इस राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाने के लिए कुल 20,630 प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की टीम ग्राउंड पर उतारी गई है। इसमें बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल के शिक्षकों और अन्य स्टाफ को शामिल किया गया है।
शिक्षकों की मांग के बीच दो चरणों में पूरा होगा जनगणना अभियान
दूसरी तरफ शिक्षक संगठनों ने सरकार से मांग की थी कि उन्हें लंबे समय तक गैर-शैक्षणिक कामों में न उलझाया जाए। शिक्षकों का कहना है कि इससे स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह एक टाइम बाउंड प्रोग्राम है जिसे समय पर पूरा करना बेहद जरूरी है।
शेड्यूल के मुताबिक, जनगणना के पहले फेज में 1 से 15 जून तक आम जनता को ऑनलाइन स्व-गणना करने का विकल्प दिया गया है। इसके बाद दूसरे फेज में 16 जून से 15 जुलाई तक कर्मचारी खुद घर-घर जाकर मकानों की लिस्टिंग और गणना का काम पूरा करेंगे।
Author: Sunita Gupta

