Delhi News: भारत सरकार देश के करोड़ों घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस के इस्तेमाल का पूरा तरीका बदलने जा रही है। सरकार अब पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन की प्रक्रिया को बेहद आसान बनाने के लिए एक नया ‘राष्ट्रीय केंद्रीकृत पोर्टल’ (National Centralized Portal) शुरू करने की तैयारी में है।
इस बड़े डिजिटल कदम के बाद आम उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए अलग-अलग गैस कंपनियों के चक्कर काटने से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। अब देश का कोई भी नागरिक सिर्फ एक ही आधिकारिक वेबसाइट के जरिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर सकेगा।
तय समय-सीमा में मिलेगा कनेक्शन, रियल टाइम होगी निगरानी
इस नए पारदर्शी सिस्टम के लागू होने के बाद सभी गैस वितरण कंपनियों को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर नया कनेक्शन देना अनिवार्य होगा। सरकार इस सेंट्रलाइज्ड पोर्टल के जरिए सभी गैस कंपनियों के कामकाज और फाइलों के निपटारे की लगातार रियल टाइम निगरानी भी करेगी।
इसके साथ ही सरकार उपभोक्ताओं को एक बेहद खास तकनीकी सुविधा भी देने जा रही है। अब कोई भी आम उपभोक्ता ऑनलाइन डिजिटल मैप के जरिए बहुत आसानी से देख सकेगा कि उसके घर या सोसायटी के आस-पास पीएनजी गैस की मुख्य पाइपलाइन उपलब्ध है या नहीं।
होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट और एलपीजी से पीएनजी की ओर कदम
भारत सरकार द्वारा किया जा रहा यह बड़ा बदलाव मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में चल रहे गहरे ऊर्जा संकट के कारण लिया गया है। वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की आशंका के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस और तेल की आपूर्ति का खतरा बढ़ गया है।
दरअसल भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरतों का लगभग 60 फीसदी हिस्सा दूसरे देशों से आयात करता है। इस कुल आयात का 90 फीसदी हिस्सा इसी संवेदनशील समुद्री मार्ग से होकर भारत पहुंचता है। आपूर्ति के इसी बड़े जोखिम को देखते हुए सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को पीएनजी की तरफ ला रही है।
लाखों लोगों ने शुरू किया पीएनजी का इस्तेमाल, छोड़े सिलेंडर
ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल मार्च के बाद से ही देश में रिकॉर्ड 8.6 लाख नए पीएनजी कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं। इसके अलावा करीब 8.8 लाख नए उपभोक्ताओं ने इस बेहद सुरक्षित गैस कनेक्शन के लिए अपना ऑनलाइन पंजीकरण भी करवा लिया है।
यही नहीं, बीते 31 मई तक देश के लगभग 78,000 उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से अपना पुराना एलपीजी सिलेंडर कनेक्शन सरकार को सरेंडर कर दिया है। सरकार का मुख्य लक्ष्य देश के उन 60 लाख परिवारों को जल्द से जल्द पीएनजी के दायरे में लाना है, जिनके पास नेटवर्क उपलब्ध है।
Author: Gaurav Malhotra


