Dehradun News: उत्तराखंड में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने करवट बदल ली है। पर्वतीय क्षेत्रों में अंधड़ के साथ बारिश और ओलावृष्टि का दौर बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। इस बदलाव से पूरे राज्य के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मैदानी इलाकों में चल रही ठंडी हवाओं ने लोगों को चिलचिलाती धूप और तपिश से बड़ी राहत दी है।
तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत
मंगलवार को हुई बारिश के बाद कुमाऊं के तराई और भाबर क्षेत्रों में सूरज के तेवर नरम पड़ गए हैं। हल्द्वानी और आसपास के इलाकों में अधिकतम पारा दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक नीचे लुढ़क गया है। सोमवार की तुलना में ठंडी हवाओं के प्रवाह ने वातावरण को खुशनुमा बना दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह राहत आगामी कुछ दिनों तक जारी रहने वाली है।
वनाग्नि पर काबू पाने में मिली मदद
राज्य के जंगलों में धधक रही आग को बुझाने में यह प्री-मानसून वर्षा वरदान साबित हुई है। बारिश के कारण जंगलों की आग काफी हद तक नियंत्रित हो गई है, जिससे वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने राहत की सांस ली है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, चार मई तक राज्य के पहाड़ से लेकर मैदान तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
पांच जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी
मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इन जिलों में तेज अंधड़ के साथ भारी वर्षा और ओलावृष्टि की संभावना है। वहीं, हिमालय की ऊंची चोटियों पर ताजा बर्फबारी के भी आसार जताए गए हैं। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में भी तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
कुमाऊं मंडल का तापमान विवरण
कुमाऊं के विभिन्न क्षेत्रों में तापमान अब सामान्य के करीब पहुंच गया है। हल्द्वानी में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री और न्यूनतम 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नैनीताल में पारा 26.8 डिग्री तक आ गया है, जबकि मुक्तेश्वर और रानीखेत जैसे हिल स्टेशनों में मौसम काफी ठंडा हो गया है। अल्मोड़ा और बागेश्वर में भी बादल छाए रहने से धूप का प्रभाव कम हुआ है।


