New Delhi News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को पूरी तरह तबाह करने की एक भयानक धमकी दी है। जब ट्रंप दुनिया को इस युद्ध से डरा रहे थे, ठीक उसी समय रूस के एक बेहद ताकतवर नेता ने भारत में कदम रखा। इस रहस्यमयी दौरे ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। आने वाले दिनों में हर भारतीय की जेब और घर के बजट पर इसका सीधा असर दिखने वाला है। ट्रंप के युद्ध वाले तनाव के बीच अब दिल्ली में दुनिया के तेल का एक नया खेल शुरू होने जा रहा है।
ट्रंप की ‘पाषाण युग’ वाली धमकी और तेल का महासंकट
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि वह बहुत जल्द ईरान पर सबसे भीषण हमला करने वाले हैं। ट्रंप ने साफ कहा है कि वह ईरान को ‘पाषाण युग’ में वापस धकेल देंगे। उन्होंने ईरान के सभी बिजली घर, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और ऊर्जा केंद्रों को तबाह करने की बड़ी धमकी दी है। अगर अमेरिका ने यह हमला किया तो ईरान के नौ करोड़ लोग सीधे सड़कों पर आ जाएंगे। इसके साथ ही पूरी दुनिया में तेल के लिए भारी हाहाकार मच जाएगा।
पुतिन के सबसे खास मंत्री का रहस्यमयी भारत दौरा
इस भयानक महासंकट के बीच रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटूरोव अचानक दो दिन की भारत यात्रा पर पहुंचे हैं। डेनिस मंटूरोव रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस खास ‘कोर ग्रुप’ का हिस्सा हैं, जो देश की सभी बड़ी नीतियां तय करता है। अमेरिकी पाबंदियों के बावजूद रूस आज दुनिया का सबसे बड़ा एनर्जी सप्लायर बन चुका है। चीन से लेकर यूरोप तक हर देश रूस के तेल और गैस का इंतजार कर रहा है। लेकिन रूस इस समय एक बहुत अजीब दुविधा में फंसा हुआ है।
रूस की बड़ी मुश्किल और भारत के पास इकलौता समाधान
रूस ने अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए अगले चार महीनों तक पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर पूरी तरह रोक लगा दी है। रूस अपना कच्चा तेल तो बेच सकता है, लेकिन उसे रिफाइन करके दुनिया तक पहुंचाना उसके लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस मुश्किल का समाधान सिर्फ और सिर्फ भारत के पास मौजूद है। डेनिस मंटूरोव भारत के साथ इसी ‘मास्टर प्लान’ पर गंभीर चर्चा करने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं।
दुनिया का नया ‘संकट मोचक’ बनेगा भारत
रूस चाहता है कि भारत उसका कच्चा तेल भारी मात्रा में खरीदे। इसके बाद भारत अपनी अत्याधुनिक तकनीक से इसे रिफाइन करे और पूरी दुनिया को बेचे। दरअसल दुनिया के कई देशों के पास रूस के इस भारी कच्चे तेल को रिफाइन करने की तकनीक नहीं है। लेकिन भारत इस जटिल काम में पूरी तरह माहिर है। इस बड़ी डील से भारत न केवल अपने नागरिकों को सस्ता पेट्रोल-डीजल देगा, बल्कि दुनिया भर के लिए ऊर्जा का सबसे बड़ा और ताकतवर केंद्र बनकर भी उभरेगा।


