New Delhi News: शालीमार बाग क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री की जानकारी जुटा रहे आबकारी विभाग के दो कर्मचारियों के अपहरण और मारपीट के मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड को भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले का रहने वाला है और नेपाल भागने की फिराक में था। उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस की एएटीएस टीम ने सैकड़ों मोबाइल नंबरों के विश्लेषण के बाद उसे दबोचा। आरोपित पूर्व में पांच आपराधिक मामलों में संलिप्त पाया गया है।
नेपाल भागते समय पुलिस ने दबोचा
जिलापुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने बताया कि मोबाइल नंबरों के विश्लेषण के दौरान एक संदिग्ध की लोकेशन जीरकपुर (पंजाब) में मिली। टीम वहां पहुंची, लेकिन आरोपित ठिकाना बदलकर उत्तराखंड, फिर नैनीताल, कैंची धाम होते हुए अंततः भारत-नेपाल सीमा के पास बनबसा हाईवे की ओर चला गया। पुलिस टीम ने लगातार उसका पीछा किया और उसे नेपाल भागने का प्रयास करते समय पकड़ लिया। आरोपित की पहचान विनोद कुमार निवासी गांव असौदा, जिला झज्जर (हरियाणा) के रूप में हुई। पूछताछ में उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उसकी निशानदेही पर अपराध में प्रयुक्त वाहन और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।
मुख्य आरोपित पहले ही हो चुका था गिरफ्तार
इससेपहले पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपित राहुल नैन निवासी गांव सिसरोली, रोहतक (हरियाणा) को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि राहुल नैन हरियाणा से दिल्ली में अवैध शराब की सप्लाई करता था। पूछताछ में उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार की और अन्य साथियों के नाम बताए। पुलिस ने इस मामले में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विनोद कुमार इस गिरोह का मास्टरमाइंड था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। उसके खिलाफ पांच अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।
अवैध शराब की सूचना जुटा रहे थे कर्मचारी
यह घटना23 फरवरी को तड़के करीब 2:15 बजे की है। आबकारी विभाग के कांस्टेबल नरेश शर्मा अपने ड्राइवर राहुल के साथ शालीमार बाग में अवैध शराब आपूर्ति की सूचना एकत्र कर रहे थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात व्यक्ति लाठी-डंडों से लैस होकर वहां पहुंचे और उनकी पहचान पूछने लगे। अपनी पहचान बताने पर आरोपी आक्रामक हो गए। उन्होंने दोनों कर्मचारियों के साथ मारपीट की और घायल कर दिया। इसके बाद कार की चाबी छीन ली और दोनों को उसी वाहन में अपहरण कर लिया।
शराब के गोदाम में बंधक बनाकर रखा
आरोपीदो अन्य वाहनों के साथ पीड़ितों को बहालगढ़ (सोनीपत) ले गए। वहां उन्हें एक शराब के गोदाम में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उन्हें फिर से पीटा गया और पिस्टल दिखाकर धमकाया गया। डराने-धमकाने के लिए उनकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। आरोपियों ने उनके सरकारी पहचान पत्र और आठ हजार रुपये छीन लिए। कुछ समय बाद पीड़ितों को छोड़ दिया गया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।


