India News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुत जल्द न्यूजीलैंड की एक बेहद अहम यात्रा पर जाने वाले हैं। इस ऐतिहासिक दौरे पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। इस यात्रा का सबसे बड़ा मकसद भारत और न्यूजीलैंड के बीच ‘मुक्त व्यापार समझौते’ पर अंतिम मुहर लगाना है। इस बड़ी डील के साइन होने से दोनों देशों के बीच व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे। यात्रा की तारीखों का अभी औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है। लेकिन दोनों देशों के अधिकारियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
एफटीए से भारत को मिलेंगे बड़े आर्थिक फायदे
भारत और न्यूजीलैंड के बीच यह व्यापार समझौता मील का पत्थर साबित होगा। इस ऐतिहासिक डील के लागू होने से अगले पांच सालों में दोनों देशों का आपसी व्यापार दोगुना हो जाएगा। इसके जरिए पांच अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही अगले 15 सालों में भारत में 20 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आने की उम्मीद है। इससे भारत के किसानों, छोटे कारोबारियों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। न्यूजीलैंड के बाजारों में भारतीय उत्पादों की पहुंच भी काफी आसान हो जाएगी।
महिलाओं के नेतृत्व वाली पहली ऐतिहासिक डील
यह व्यापार समझौता भारत के लिए कई मायनों में बहुत खास है। यह भारत का पहला ऐसा व्यापार समझौता है जिसका नेतृत्व पूरी तरह से महिलाओं ने किया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैकले के साथ लंबी बातचीत की है। दोनों देशों के बीच कृषि और खेल जैसे अहम क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। न्यूजीलैंड भारतीय किसानों को कीवी और सेब की खेती का विशेष प्रशिक्षण भी दे सकता है।
पीएम मोदी के साथ जाएगा बड़ा व्यापारिक दल
प्रधानमंत्री मोदी के इस अहम विदेशी दौरे पर एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी न्यूजीलैंड जाएगा। इसमें देश के कई बड़े उद्योगपति और स्टार्टअप संस्थापक शामिल होंगे। मार्च 2025 में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भारत का दौरा किया था। उसी समय से इस महात्वाकांक्षी व्यापार समझौते की नींव रखी गई थी। केवल नौ महीने के रिकॉर्ड समय में इस समझौते की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। अब पीएम मोदी के दौरे पर इस ऐतिहासिक समझौते को अमलीजामा पहनाया जाएगा।


