Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर और सोलर पैनल लगवाने वाले उपभोक्ताओं के लिए राहत अब मुसीबत बनती जा रही है। सहारनपुर के चांदोबाई कॉलोनी में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां ‘सूर्यघर योजना’ के तहत सोलर पैनल लगवाने के बाद भी उपभोक्ता को 33 हजार रुपये से अधिक का बिल थमा दिया गया। बिजली विभाग के चक्कर काटने के बाद भी जब समाधान नहीं हुआ, तो पीड़ित ने सोशल मीडिया के जरिए ऊर्जा मंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।
सोलर पैनल के बावजूद 33 हजार का भारी-भरकम बिल
महानगर निवासी सागर कालरा ने अपने घर पर छह किलोवाट का कनेक्शन लिया है। उन्होंने बिजली बिल कम करने के उद्देश्य से नवंबर में पांच किलोवाट का सौर ऊर्जा पैनल लगवाया था। शुरुआत में दिसंबर और जनवरी में उनका बिल 700 रुपये से भी कम आया। लेकिन अचानक विभाग ने 16 जनवरी से एक मार्च के बीच 4720 यूनिट की खपत दिखाते हुए 33,993 रुपये का बिल भेज दिया। इतनी भारी रकम देखकर उपभोक्ता के होश उड़ गए और वह दफ्तरों के चक्कर काटने लगा।
अधिकारियों की बेरुखी और भीषण गर्मी में काटा कनेक्शन
सागर कालरा का आरोप है कि उन्होंने इस गड़बड़ी की शिकायत कनिष्ठ अभियंता (जेई) से लेकर अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) तक से की। अधिकारियों ने समाधान करने के बजाय मामले से पल्ला झाड़ लिया। हद तो तब हो गई जब भीषण गर्मी के दौरान चार अप्रैल को विभाग ने उनका बिजली कनेक्शन भी काट दिया। पीड़ित के अनुसार, विभाग ने इनपुट-आउटपुट रीडिंग में तकनीकी खामी को सुधारने के बजाय सीधे दंडात्मक कार्रवाई की, जिससे उनका पूरा परिवार परेशान है।
गंगोह क्षेत्र में भी बिलिंग की गड़बड़ी से ग्रामीण परेशान
बिजली विभाग की लापरवाही केवल शहर तक सीमित नहीं है। गंगोह क्षेत्र के गांव सलारपुरा में भी एक ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है। किसान अजीत सिंह बटार ने बताया कि उनके पिता रमेश चंद के नाम पर घरेलू कनेक्शन है। नियमित बिल जमा करने के बाद भी विभाग ने 93 यूनिट की खपत पर 457 रुपये के स्थान पर 1611 रुपये का बिल भेज दिया। ऑनलाइन शिकायत करने पर विभाग ने बिना किसी जांच के ही शिकायत का निपटारा (निस्तारित) दिखा दिया।
PVVNL हेडक्वार्टर ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश
बार-बार की शिकायतों और सोशल मीडिया पर बढ़ते आक्रोश के बाद पश्चिम पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) मुख्यालय ने मामले का संज्ञान लिया है। मुख्यालय ने स्थानीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ताओं की समस्याओं का गंभीरता से समाधान किया जाए। अब स्थानीय स्तर पर अधिकारी इन स्मार्ट मीटरों की फीडिंग और सोलर नेट मीटरिंग की जांच करने की बात कह रहे हैं। हालांकि, उपभोक्ताओं का विश्वास विभाग की कार्यप्रणाली से उठता जा रहा है।


