Maharashtra News: महाराष्ट्र में स्कूली बच्चों के माता-पिता के लिए यह बुरी खबर है। राज्य में स्कूल बस का किराया 15 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। नई फीस जून 2026 से पूरी तरह लागू होगी। महंगाई की इस भयानक मार ने आम आदमी को परेशान कर दिया है। अब घर का बजट बिगड़ने वाला है।
स्कूल बस ओनर्स एसोसिएशन महाराष्ट्र ने यह कड़ा फैसला सर्वसम्मति से लिया है। पिछले कुछ समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतें चार बार बढ़ चुकी हैं। इसी कारण बस संचालक भी काफी दबाव में थे। अब उन्होंने सीधे तौर पर फीस बढ़ा दी है। इससे आम इंसान निराश और हताश महसूस कर रहा है।
सरकार की अनदेखी बनी आम आदमी की बड़ी परेशानी
एसोसिएशन का स्पष्ट कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याएं सरकार और परिवहन मंत्रालय को बताई थीं। कई ज्ञापन और प्रस्ताव भी सौंपे गए थे। लेकिन प्रशासन ने उनकी मांगों पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण उन्हें मजबूर होकर फीस बढ़ाने का यह कठोर कदम उठाना पड़ा है।
बस संचालकों ने साफ किया है कि यह फैसला केवल महंगे ईंधन के कारण नहीं लिया गया है। किराया भारी मात्रा में बढ़ाने के पीछे अन्य आर्थिक कारण भी जिम्मेदार हैं। ड्राइवर और कर्मचारियों की लगातार बढ़ती सैलरी एक बड़ी वजह है। इन खर्चों ने संचालकों का सारा बजट बिगाड़ कर रख दिया है।
वाहनों के लगातार रखरखाव और कल-पुर्जों की लागत में भारी वृद्धि हुई है। इसके अलावा बसों का बीमा, टोल टैक्स और परमिट फीस भी लगातार बढ़ रही है। ई-चालान नियमों ने भी उनकी मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं। इन सभी खर्चों ने बस मालिकों पर बहुत बड़ा और भारी आर्थिक बोझ डाल दिया है।
संचालकों की मजबूरी बनी अभिभावकों की आर्थिक परेशानी
एसोसिएशन ने फीस बढ़ाने का फैसला लेने से पहले सरकार को कई बेहतर विकल्प दिए थे। उनका उद्देश्य माता-पिता पर कोई अतिरिक्त बोझ न डालना था। लेकिन शासन की तरफ से कोई राहत नहीं मिली। इस कारण आगामी सत्र 2026-27 के लिए यह कड़ा फैसला लेना बस संचालकों की बड़ी मजबूरी बन गई।
Author: Sachin Kulkarni


