Ayodhya News: राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय के पूर्व ड्राइवर रामशंकर यादव टिन्नू ने खुद पर और चंपतराय पर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और झूठा बताते हुए एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
एक प्रतिष्ठित चैनल से विशेष बातचीत के दौरान टिन्नू ने दावा किया कि चंपतराय इस पूरे मामले में बिल्कुल बेदाग हैं। उन्होंने असली निशाना ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा पर साधा है। टिन्नू ने कहा कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे के कैश की पूरी जिम्मेदारी अनिल मिश्रा की थी, इसलिए जांच उनकी होनी चाहिए।
ऑटो चलाकर कमाई करने और जमीन खरीदने का दावा
रामशंकर यादव टिन्नू ने अपनी संपत्ति को लेकर चल रहे विवादों पर भी खुलकर सफाई दी है। उन्होंने बताया कि वह विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यों को संभालने के साथ-साथ खुद का ऑटो भी चलाते थे। ऑटो से होने वाली मेहनत की कमाई को जोड़कर ही उन्होंने संपत्ति बनाई थी।
उन्होंने दावा किया कि इसी ईमानदारी की कमाई को इकट्ठा करके उन्होंने साल 2008 में एक जमीन खरीदी थी। इसके काफी समय बाद वर्ष 2015-16 में उन्होंने उसी खरीदी हुई जमीन पर भवन का निर्माण कार्य शुरू कराया था, जो समय पर पूरा भी हो गया था।
होटल और रेस्टोरेंट में हिस्सेदारी की खबरों का खंडन
टिन्नू ने स्पष्ट किया कि यह पूरा निर्माण कार्य वर्ष 2019 में राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आने से काफी पहले ही मुकम्मल हो चुका था। उन्होंने मीडिया में चल रही उन खबरों का भी कड़ा खंडन किया, जिनमें उनके किसी होटल या रेस्टोरेंट होने की बात कही जा रही थी।
उन्होंने साफ कहा कि किसी भी होटल या व्यावसायिक रेस्टोरेंट में उनकी कोई हिस्सेदारी बिल्कुल नहीं है। उनके खिलाफ जानबूझकर राजनीतिक साजिश के तहत झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। वह बिना किसी स्वार्थ के भगवान राम के मंदिर से जुड़कर लगातार सेवा कार्य कर रहे हैं।
Author: Ajay Mishra


