फेसबुक पर स्टॉक ट्रेडिंग सीखना पड़ा भारी! ‘फर्जी’ मेंटर ने लगाया 6 लाख का चूना, पुलिस के उड़े होश

Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर स्टॉक ट्रेडिंग के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी हुई है। फेसबुक पर फर्जी मेंटर बनकर शातिरों ने दो लोगों को जाल में फंसाया। आरोपियों ने शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर छह लाख रुपये ठग लिए। पीड़ितों ने छोटा शिमला थाने में अपनी एफआईआर दर्ज करवाई है। पुलिस अब मामले की बारीकी से जांच कर रही है।

व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर शुरू किया ठगी का खेल

यह मामला करीब दो साल पुराना बताया जा रहा है। राज बहादुर और कुलवंती फेसबुक पर आदित्य नामक मेंटर से जुड़े थे। आरोपियों ने उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया। इसका नाम ट्रेडिंग एनालिसिस रखा गया था। ग्रुप के जरिए पीड़ितों को एलिट अलाइंस की ऑनलाइन क्लासेज का लिंक मिलता था। यहीं से ठगों ने दोनों को फंसाने का असली खेल शुरू किया। उन्होंने सबसे पहले इन लोगों का पूरा विश्वास बहुत ही आसानी से जीत लिया।

फर्जी ऑनलाइन कक्षाओं से जीता लोगों का विश्वास

ऑनलाइन क्लास में आदित्य सिंह और डॉक्टर आरव मुख्य मेंटर रहते थे। उन्होंने मार्च से अप्रैल दो हजार चौबीस तक लोगों को ट्रेडिंग सिखाई। कक्षा के दौरान ठगों ने सेबी कंपनी का हवाला देकर पीड़ितों के खाते खुलवाए। इसके बाद दो महिलाओं ने सुनियोजित तरीके से संपर्क करके एक फर्जी ऑनलाइन एग्रीमेंट करवाया। इस कदम से पीड़ितों का विश्वास बहुत अधिक बढ़ गया। उन्हें लगा कि उनका सारा पैसा पूरी तरह सुरक्षित जगह पर लग रहा है।

आईपीओ में निवेश के नाम पर ऐंठे छह लाख

विश्वास जीतने के बाद आरोपियों ने राज बहादुर से दो लाख रुपये का एग्रीमेंट करवाया। वहीं कुलवंती से भी डेढ़ लाख रुपये का फर्जी एग्रीमेंट साइन करवाया गया। इसके बाद आईपीओ में निवेश के नाम पर दोनों से पैसे ऐंठे गए। राज बहादुर ने तीन लाख तीस हजार रुपये अलग-अलग खातों में जमा किए। कुलवंती ने भी दो लाख बानवे हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इस तरह शातिरों ने दोनों से कुल छह लाख रुपये ठग लिए।

लिंक डीएक्टिवेट होने पर खुला ठगी का बड़ा राज

पैसे ट्रांसफर करने के अगले ही दिन आठ मई को सारा खेल खत्म हो गया। ठगों का ट्रेडिंग लिंक अचानक डीएक्टिवेट हो गया जो आज तक नहीं चला। पीड़ितों ने आरोपियों के नंबरों पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन सभी मोबाइल नंबर लगातार स्विच ऑफ या बंद आ रहे हैं। पीड़ितों को पहले अपने पैसे वापस मिलने की पूरी उम्मीद थी। जब कोई रास्ता नहीं बचा तो उन्होंने पुलिस को अपनी शिकायत दी।

कॉल डिटेल्स और बैंक ट्रांजेक्शन खंगाल रही पुलिस

छोटा शिमला पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी का गंभीर केस दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपियों तक पहुंचने के लिए बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच कर रही है। ठगों की व्हाट्सएप चैट और कॉल डिटेल्स को भी गहनता से खंगाला जा रहा है। पुलिस ने आम जनता से भी इस तरह के लुभावने ऑनलाइन दावों से सावधान रहने की अपील की है। शेयर बाजार में बिना किसी पुख्ता जानकारी के अपना पैसा लगाना बहुत जोखिम भरा है।

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