World News: मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच भारत ने बहुत बड़ा कूटनीतिक कदम उठाया है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर अचानक अबू धाबी पहुंच गए हैं। वहां उन्होंने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से खास मुलाकात की है। इस अहम बैठक ने पूरी दुनिया की राजनीति में भारी हलचल पैदा कर दी है। दोनों बड़े नेताओं ने मिडिल ईस्ट के बेहद तनावपूर्ण और खौफनाक हालात पर लंबी चर्चा की है।
ईरान के ताजा हमलों के बाद यूएई में हाई अलर्ट
मिडिल ईस्ट में युद्ध के हालात अब बहुत ज्यादा भयानक और चिंताजनक हो गए हैं। इस खौफनाक जंग ने ग्लोबल पॉलिटिक्स में भारी बवाल और तनाव मचा दिया है। ईरान के खतरनाक हमलों से पूरी दुनिया में बहुत भारी खलबली मची हुई है। ईरान ने कुछ समय पहले यूएई को भी अपना निशाना बनाया था। इसके बाद से ही सभी खाड़ी देशों में हालात तेजी से बदल रहे हैं। जयशंकर ने इन्हीं बदलते सुरक्षा हालात पर यूएई से बात की।
भारतीय समुदाय की सुरक्षा भारत सरकार की प्राथमिकता
खाड़ी देशों में लाखों भारतीय नागरिक रहते हैं और अपना काम करते हैं। मिडिल ईस्ट के खौफनाक युद्ध ने इन सभी भारतीयों की भारी टेंशन बढ़ा दी है। भारत सरकार को अपने नागरिकों की सुरक्षा की बहुत ज्यादा फिक्र सता रही है। जयशंकर ने यूएई के सामने इंडियन कम्युनिटी की सुरक्षा की बात मजबूती से रखी। उन्होंने भारतीय समुदाय की भलाई सुनिश्चित करने के लिए यूएई की खुलकर सराहना की। यूएई ने सुरक्षा का पक्का भरोसा दिया है।
भारत और यूएई की रणनीतिक साझेदारी बनेगी मजबूत
इस अहम मुलाकात से भारत और यूएई की रणनीतिक साझेदारी अब और भी ज्यादा पावरफुल होगी। दोनों देशों ने युद्ध के भारी असर को कम करने पर गहरी चर्चा की है। भारत सरकार अपने नागरिकों की सेफ्टी के लिए लगातार बहुत ज्यादा अलर्ट मोड पर है। इस बैठक से दोनों देशों के बीच व्यापार और सुरक्षा के संबंध और प्रगाढ़ होंगे। पूरी दुनिया अब भारत के इस बड़े कूटनीतिक कदम को बहुत ही ध्यान से देख रही है।


