लोकसभा में राहुल गांधी के इस बयान पर क्यों गूंजे ठहाके? पीएम मोदी को लेकर कही ये बड़ी बात

India News: लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक हल्का-फुल्का तंज कसा। राहुल गांधी के इस बयान के बाद पूरे सदन में हंसी की लहर दौड़ गई। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और उनके महत्व पर अपनी बात रखी। इसके बाद उन्होंने मौजूदा बिल का कड़ा विरोध भी किया। राहुल ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

सदन में पत्नी वाले बयान पर लगे ठहाके

राहुल गांधी ने चर्चा के दौरान महिलाओं की भूमिका को बहुत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मां, बहन और पत्नी हमारे जीवन को प्रभावित करती हैं। इसके तुरंत बाद राहुल ने मुस्कुराते हुए एक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी तो पत्नी ही नहीं है। इस बात को सुनते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद जोर-जोर से हंसने लगे। खुद राहुल गांधी भी अपनी बात कहकर मुस्कुराते हुए नजर आए। सदन का माहौल पूरी तरह खुशनुमा हो गया।

प्रियंका गांधी के भाषण की जमकर हुई तारीफ

सदन की कार्यवाही के दौरान स्पीकर ओम बिरला ने राहुल से बात की। उन्होंने राहुल के हाथ पर बंधी पट्टी को देखकर चोट का कारण पूछा। राहुल गांधी ने उन्हें हाथ में लगी चोट के बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने अपनी बहन प्रियंका गांधी की जमकर तारीफ की। राहुल ने कहा कि प्रियंका ने पांच मिनट के भाषण में कमाल कर दिया। जो काम वह बीस साल में नहीं कर सके, वह प्रियंका ने कर दिखाया। यह सुनकर गृह मंत्री अमित शाह भी मुस्कुराने लगे।

दादी इंदिरा गांधी की सीख का किया जिक्र

राहुल गांधी ने अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को याद किया। उन्होंने बताया कि उनकी दादी ने उन्हें हमेशा सच बोलना सिखाया था। उन्होंने दादी से ही डर से लड़ना और निडर रहना सीखा है। इस दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर सीधा और तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि यह सरकार देश की बड़ी समस्याओं का सामना करने से डरती है। सरकार हमेशा अंधेरे में जाने से बचती है। किसी भी समस्या का हल निकालने के लिए उसका डटकर सामना करना जरूरी है।

महिला आरक्षण बिल पर सरकार को घेरा

हंसी-मजाक के बाद राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल पर सरकार को घेरा। उन्होंने इस नए विधेयक की खामियां गिनाते हुए इसे एक बड़ी साजिश बताया। राहुल ने कहा कि इस बिल का महिला सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है। यह बिल ओबीसी और पिछड़े समाज के अधिकारों को छीनने का प्रयास है। सरकार महिलाओं के पीछे छिपकर देश का चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश कर रही है। पूरा विपक्ष सरकार के इस प्रयास को विफल करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

मौजूदा बिल को बताया एक राजनीतिक दांव

राहुल गांधी ने मौजूदा बिल को अनुसूचित जाति और जनजाति के खिलाफ बताया। उन्होंने दावा किया कि साल दो हजार तेईस में पारित हुआ बिल ही असली था। वर्तमान सरकार का यह नया बिल केवल एक सोची-समझी राजनीतिक चाल है। उन्होंने महिलाओं को देश की सबसे बड़ी और मुख्य शक्ति भी बताया। राहुल ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी मुख्य भूमिका निभा रही हैं। इसलिए महिलाओं के अधिकारों के नाम पर राजनीति और धोखा नहीं होना चाहिए।

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