New Delhi News: पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में देश को संबोधित किया। पीएम मोदी ने साफ कहा कि भारत इस वैश्विक संकट से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले देशों में शामिल है। उन्होंने आगाह किया कि ईरान और इजरायल के बीच बढ़ता टकराव दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला सकता है। सरकार अब कच्चे तेल और गैस की कीमतों पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को लेकर सतर्क हो गई है।
प्रधानमंत्री का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव चरम पर है। हाल ही में ईरान ने सऊदी अरब और इजरायल के परमाणु संयंत्रों को निशाना बनाने की धमकी दी थी। पीएम मोदी ने ऊर्जा संसाधनों पर होने वाले हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर हमले भारत को किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हैं।
भारत सरकार ने होर्मुज जलसंधि जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में फंसे भारतीय जहाजों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है। पीएम मोदी ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर देश को भरोसा दिलाया कि भारत अब केवल चंद देशों पर निर्भर नहीं है। पिछले 11 वर्षों में भारत ने कच्चे तेल के आयात के लिए अपने विकल्पों को 27 से बढ़ाकर 41 देशों तक पहुंचा दिया है।
होर्मुज जलसंधि का संकट और भारत का ‘रणनीतिक भंडार’
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग है, जहां से वैश्विक तेल और एलएनजी का 20% व्यापार होता है। यदि इस मार्ग में कोई बाधा आती है, तो भारत समेत पूरी दुनिया में ईंधन की कीमतें बेकाबू हो सकती हैं। पीएम मोदी ने बताया कि भारत के पास वर्तमान में 53 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का रणनीतिक भंडार मौजूद है। इसे बढ़ाकर 65 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
वैश्विक संकट से निपटने के लिए एक उच्चस्तरीय अंतर-मंत्रालयी समूह रोजाना बैठकें कर रहा है। सरकार अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियों पर काम कर रही है ताकि आम जनता पर महंगाई का बोझ न बढ़े। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षित हो रहा है, बल्कि ईंधन की लागत में भी बड़ी बचत हो रही है।
प्रधानमंत्री ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को भारत के सुरक्षित भविष्य की नींव बताया। उन्होंने खाद्य सुरक्षा के मोर्चे पर भी देश को आश्वस्त किया। पीएम मोदी के मुताबिक भारत के पास पर्याप्त खाद्यान्न भंडार है। खरीफ सीजन की बुवाई के लिए सरकार ने खाद और बीज की पर्याप्त व्यवस्था पहले ही कर ली है।


