New Delhi News: पैन कार्ड (PAN Card) बनवाने की प्रक्रिया में भारत सरकार एक बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव करने जा रही है। कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 से नए नियम प्रभावी होंगे। अब सिर्फ आधार कार्ड के दम पर नया पैन कार्ड बनवाना मुमकिन नहीं होगा। सरकार ने जन्म तिथि के प्रमाण के लिए अतिरिक्त दस्तावेजों को अनिवार्य कर दिया है। यदि आप भी नया पैन कार्ड बनवाने या पुराने को अपडेट करने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।
अब तक आधार कार्ड ही पहचान और जन्म तिथि दोनों के लिए पर्याप्त माना जाता था। लेकिन 31 मार्च 2026 के बाद यह सुविधा पूरी तरह खत्म हो जाएगी। 1 अप्रैल से आवेदकों को 10वीं की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र या वोटर आईडी जैसे दस्तावेज देने होंगे। पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस को भी जन्म तिथि के वैध प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा। इन बदलावों का उद्देश्य वित्तीय पारदर्शिता को और अधिक मजबूत करना है।
एक और महत्वपूर्ण बदलाव आवेदक के नाम को लेकर किया गया है। अब पैन कार्ड पर दर्ज नाम आधार कार्ड के नाम से बिल्कुल मेल खाना चाहिए। अगर दोनों दस्तावेजों के स्पेलिंग में थोड़ा भी अंतर हुआ, तो आधार वाले नाम को ही अंतिम माना जाएगा। इसलिए विशेषज्ञों की सलाह है कि आप समय रहते अपने आधार विवरण को अपडेट कर लें। इसके अलावा, पुराने आवेदन फॉर्म भी 1 अप्रैल से रद्दी के समान हो जाएंगे।
संपत्ति और वाहन खरीद के लिए बदल गई PAN की सीमा
आयकर विभाग ने पैन कार्ड के इस्तेमाल से जुड़े नियमों में भी ढील दी है। अब ₹20 लाख तक की संपत्ति खरीदने या बेचने पर ही पैन कार्ड का विवरण देना होगा। पहले यह सीमा ₹10 लाख निर्धारित थी। इसी तरह, ₹5 लाख से अधिक कीमत वाले वाहन की खरीद पर ही अब पैन कार्ड अनिवार्य होगा। सरकार के इस कदम से मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
होटल में ठहरने और वहां किए जाने वाले खर्चों के नियमों में भी संशोधन हुआ है। अब ₹1 लाख से अधिक के बिल पर ही पैन कार्ड की जानकारी साझा करनी होगी। पहले यह सीमा ₹50,000 थी। यह बदलाव पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए किए गए हैं। हालांकि, आयकर विभाग इन सभी लेन-देन पर डिजिटल माध्यम से कड़ी नजर रखेगा।
इन तमाम तकनीकी बदलावों के बीच जनता के लिए एक ही रास्ता बचता है। यदि आप कागजी पचड़ों से बचना चाहते हैं, तो 31 मार्च 2026 से पहले अपना आवेदन पूरा कर लें। नए नियम लागू होने के बाद प्रक्रिया न केवल जटिल होगी, बल्कि नए फॉर्म भरने की मशक्कत भी बढ़ जाएगी। डिजिटल इंडिया के इस दौर में नियमों की यह सख्ती धोखाधड़ी रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम है।


