Himachal News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में स्वास्थ्य विभाग पर भारी हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने स्वास्थ्य सेवाओं और हिमकेयर योजना पर सुक्खू सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने मुख्यमंत्री के ‘पुरुषों की बच्चेदानी के ऑपरेशन’ वाले बयान की असलियत सदन में रखी। जयराम ने कहा कि मुख्यमंत्री को उनके स्वास्थ्य सलाहकार लगातार गलत जानकारी दे रहे हैं। विपक्ष ने सरकार पर स्वास्थ्य व्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप लगाया।
कैंसर की दवाओं को बताया बच्चेदानी का ऑपरेशन
जयराम ठाकुर ने हिमकेयर योजना के फर्जी बिलों के दावों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन दवाओं को बच्चेदानी के ऑपरेशन का बताया गया, वे कैंसर के इलाज की दवाएं हैं। मेडिकल जांच में साबित हुआ है कि ये दवाएं कैंसर पीड़ित मरीजों को ही दी गई थीं। उन्होंने मुख्यमंत्री को गलत जानकारी देने वाले सलाहकारों की समझ पर कड़े सवाल उठाए।
डॉक्टरों की छवि खराब कर रही है सरकार
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि योजना में किसी भी गड़बड़ी की जांच जरूर होनी चाहिए। लेकिन जांच के नाम पर गरीबों की हिमकेयर योजना को बंद करना बिल्कुल गलत है। झूठे आरोप लगाकर प्रदेश के डॉक्टरों की छवि खराब करना उचित नहीं है। उन्होंने नेरचौक मेडिकल यूनिवर्सिटी के मूल स्वरूप में बदलाव के प्रयासों का भी सदन में कड़ा विरोध किया।
रोबोटिक सर्जरी और कोरोना वॉरियर्स पर उठाए सवाल
जयराम ठाकुर ने राज्य के स्वास्थ्य ढांचे की कमियों को भी उजागर किया। उन्होंने कहा कि बिना आधारभूत सुविधाओं के पांच जगहों पर रोबोटिक सर्जरी शुरू करने से मरीजों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसके अलावा उन्होंने कोविड काल में अपनी जान जोखिम में डालने वाले आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के फैसले को बेहद अमानवीय बताया।
अस्पतालों में फर्नीचर नहीं, केंद्र के पैसे की कद्र नहीं
पिछली सरकार के समय प्रस्तावित पैट-स्कैन मशीन लगाने में सुक्खू सरकार को साढ़े तीन साल लग गए। नए ट्रॉमा सेंटर का काम एक आउटसोर्स एजेंसी को दिया गया, लेकिन वह अभी तक चालू नहीं हो पाया है। चंबा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में पिछले डेढ़ साल से फर्नीचर तक नहीं खरीदा गया है। जयराम ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा हर मदद को तैयार हैं, लेकिन राज्य सरकार केंद्र के पैसे का सही उपयोग बिल्कुल नहीं कर रही है।


