Himachal News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में हिमकेयर योजना को लेकर जबरदस्त हंगामा हुआ है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस स्वास्थ्य योजना में बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा किया है। जांच में पता चला है कि योजना के नाम पर पुरुषों की ओवरी और बच्चेदानी के ऑपरेशन के फर्जी बिल बनाए गए। मरीजों की आंखों में एक्सपायरी डेट वाले खराब लेंस भी डाले गए। विपक्ष ने मुख्यमंत्री पर झूठे आंकड़े पेश करने का गंभीर आरोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस पूरे मामले की हाईकोर्ट के जज से जांच कराने की बड़ी मांग की है।
आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज में 110 करोड़ की धांधली
मुख्यमंत्री सुक्खू ने सदन में बहुत ही हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि शिमला के आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज में सरकार ने आंतरिक ऑडिट कराया है। इस जांच में लगभग 110 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले के साफ संकेत मिले हैं। योजना में पुरुषों के नाम पर महिलाओं की बीमारियों के फर्जी बिल पास किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा है कि भ्रष्टाचार करने वालों को सीधा जेल भेजा जाएगा। किसी भी दोषी को बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा।
बंद नहीं होगी योजना, हाईकोर्ट के जज से हो निष्पक्ष जांच
सरकार ने स्पष्ट किया है कि गरीबों की हिमकेयर योजना बिल्कुल बंद नहीं होगी। इसे और अधिक पारदर्शी और बेहतर बनाया जाएगा। दूसरी तरफ, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के सभी दावों को पूरी तरह झूठा करार दिया। उन्होंने सुक्खू सरकार को खुली चुनौती दी है कि दोनों सरकारों के समय का ऑडिट हाईकोर्ट के मौजूदा जज से करवाया जाए। जयराम ठाकुर ने बताया कि योजना पर तीन साल में 600 करोड़ खर्च होने थे। लेकिन दवाओं की बहुत महंगी खरीद के कारण यह खर्च 972 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
क्या है विवादों में घिरी गरीबों की हिमकेयर योजना?
पूर्व भाजपा सरकार ने एक जनवरी 2019 को हिमकेयर योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत राज्य के लोगों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। यह योजना उन गरीब परिवारों के लिए बनाई गई थी, जो केंद्र की आयुष्मान भारत योजना में नहीं आते हैं। इस योजना के तहत 200 से अधिक सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की बेहतरीन सुविधा उपलब्ध है। अब इसी जन कल्याणकारी योजना में भारी धांधली के गंभीर आरोप लग रहे हैं।


