हिमकेयर योजना पर विधानसभा में भारी हंगामा! ‘आदमी की ओवरी’ वाले बयान पर सुक्खू सरकार को जयराम ठाकुर ने धो डाला

Himachal News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में स्वास्थ्य सेक्टर को लेकर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने हिमकेयर योजना पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सरकार पर इस गरीब कल्याण योजना को बदनाम करने का गंभीर आरोप लगाया। ‘आदमी की ओवरी’ के ऑपरेशन वाले मुख्यमंत्री के बयान पर भी विपक्ष ने तीखा पलटवार किया। इसके साथ ही कोविड के दौरान रखे गए आउटसोर्स कर्मियों को नौकरी से निकालने पर सरकार की कड़ी घेराबंदी की गई।

घोटाले के झूठे दावों पर मुख्यमंत्री मांगें माफी

जयराम ठाकुर ने हिमकेयर योजना में घोटाले के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बिना किसी आधार के कभी 1100 करोड़, कभी 100 करोड़ तो कभी 120 करोड़ के घोटाले का दावा कर रहे हैं। अभी तक इस मामले में कोई ठोस जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। बिना जांच के ऐसे आरोप लगाना साबित करता है कि सरकार झूठ बोल रही है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस झूठ के लिए मुख्यमंत्री को तुरंत माफी मांगनी चाहिए। केंद्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा राज्य को पूरा पैसा दे रहे हैं, लेकिन यह सरकार उसे खर्च नहीं कर पा रही है।

कैंसर के ऑपरेशन को बताया ओवरी का इलाज

मुख्यमंत्री के ‘आदमी की ओवरी के ऑपरेशन’ वाले बयान पर जयराम ठाकुर ने सच्चाई बताई। उन्होंने कहा कि हिमकेयर और आयुष्मान में लगभग 4 हजार गंभीर बीमारियों के इलाज का पैकेज है। इसमें यूरिनल, ब्रेस्ट और प्रोस्टेट कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां शामिल हैं। मुख्यमंत्री हमेशा जल्दबाजी में रहते हैं और इसी कारण उन्हें गलत जानकारी दी गई। कई बार डॉक्टर गरीब मरीज की जान बचाने के लिए बीमारी से मिलते-जुलते करीबी पैकेज का इस्तेमाल करते हैं। यह मरीज को बचाने की एक मानवीय कोशिश होती है।

कोविड वॉरियर्स को हटाया, सिर्फ फीते काटने का शौक

विपक्ष ने कोविड काल में रखे गए आउटसोर्स कर्मियों का मुद्दा बेहद भावुक तरीके से उठाया। ठाकुर ने कहा कि जब कोरोना में लोग अपनों की लाशें नहीं छू रहे थे, तब इन युवाओं ने काम किया। वर्तमान सरकार ने सत्ता में आते ही इन्हें 13 महीने की सैलरी दिए बिना निकाल दिया। यह एक बहुत ही अमानवीय कदम है। इसके अलावा जयराम ठाकुर ने सरकार पर दूसरे के कामों का श्रेय लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला का ओपीडी ब्लॉक और पीईटी स्कैन उनके कार्यकाल में शुरू हुए थे। अब मुख्यमंत्री सिर्फ अपना नाम चमकाने के लिए वहां फीते काट रहे हैं।

विपक्ष के सुझावों पर पूरा ध्यान रखेगी सरकार

विपक्ष के इन तीखे हमलों का स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने जवाब दिया। उन्होंने स्वास्थ्य सेक्टर पर लाए गए कटौती प्रस्ताव पर स्थिति स्पष्ट की। स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि नेता प्रतिपक्ष ने जो भी अच्छे सुझाव दिए हैं, उनका पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कोविड के समय जान जोखिम में डालकर काम करने वाले आउटसोर्स कर्मियों की भी तारीफ की। शांडिल ने कहा कि सरकार इन कर्मचारियों की समस्याओं और इनके भविष्य को लेकर भी गंभीरता से विचार करेगी।

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