New Delhi News: तृणमूल कांग्रेस की फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा ने इंडिगो की एक उड़ान में अपने साथ हुए कथित उत्पीड़न को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। सांसद का दावा है कि दिल्ली जा रही फ्लाइट के अंदर कुछ यात्रियों ने उनके खिलाफ न केवल राजनीतिक नारेबाजी की, बल्कि बिना अनुमति के उनके वीडियो भी रिकॉर्ड किए। यह घटना उस समय हुई जब विमान रनवे पर लैंड कर चुका था और यात्री उतरने की प्रतीक्षा कर रहे थे।
फ्लाइट के अंदर ‘चोर-चोर’ के नारों से मची खलबली
महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि यह घटना इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E 719 में घटित हुई। उनके अनुसार, जैसे ही विमान जमीन पर उतरा, कुछ उपद्रवियों ने उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया। भीड़ ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के खिलाफ ‘पिशी चोर’ और ‘भाईपो चोर’ जैसे अपमानजनक नारे लगाए। इस दौरान सांसद को डराने के उद्देश्य से ‘जय श्री राम’ के नारे भी लगाए गए, जिससे विमान के भीतर तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई।
सुरक्षा और गरिमा के उल्लंघन पर सांसद का कड़ा प्रहार
सांसद ने इस घटना को केवल नागरिकों का गुस्सा मानने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने इसे अपनी सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन और व्यक्तिगत उत्पीड़न करार दिया है। मोइत्रा का तर्क है कि विमान के भीतर इस तरह की अराजकता किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बदमाश इस तरह की हरकतें करके कानून की नजरों से बच नहीं सकते। उनके अनुसार, यह घटना उनके राजनीतिक जुड़ाव के कारण उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और डराने का एक सोची-समझी साजिश थी।
बीजेपी की संस्कृति और केबिन क्रू की चुप्पी पर सवाल
महुआ मोइत्रा ने इस पूरे घटनाक्रम को भारतीय जनता पार्टी की संस्कृति से जोड़ते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरू में उन्होंने इस मामले को नजरअंदाज किया था, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने आवाज उठाने का फैसला किया। उन्होंने सबसे बड़ा सवाल इंडिगो के केबिन क्रू पर उठाया है। सांसद के मुताबिक, जब उनके साथ बदसलूकी हो रही थी, तब विमान का स्टाफ मूकदर्शक बना रहा और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोई हस्तक्षेप नहीं किया।
DGCA से 48 घंटे के भीतर कड़ी कार्रवाई की मांग
अपनी औपचारिक शिकायत में मोइत्रा ने DGCA से मांग की है कि इंडिगो को तुरंत निर्देश दिए जाएं। उन्होंने मांग की कि विमान के पायलट-इन-कमांड को 48 घंटे के भीतर अनियंत्रित यात्रियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने 30 दिनों के भीतर एक आंतरिक जांच समिति गठित करने और संबंधित क्रू सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की भी अपील की है। फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल मामले पर इंडिगो एयरलाइन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या बयान सामने नहीं आया है।


