Maharashtra News: महाराष्ट्र की सियासत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर चल रहा अंदरूनी घमासान अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। अजित पवार गुट में बड़े पैमाने पर असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, जब से सुनेत्रा पवार ने संगठन की कमान संभाली है, तभी से वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि पार्टी के दो सबसे कद्दावर नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को धीरे-धीरे मुख्यधारा से अलग थलग किया जा रहा है।
पदाधिकारियों की नई सूची से गायब हुए प्रफुल्ल और तटकरे के नाम
पार्टी के भीतर चल रही इस खींचतान को उस समय और हवा मिली जब एनसीपी के नए पदाधिकारियों की आधिकारिक सूची जारी की गई। इस नई लिस्ट में प्रफुल्ल पटेल का नाम शामिल नहीं किया गया है। इसके साथ ही, सुनील तटकरे को भी दोबारा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं दी गई। इन दोनों बड़े फैसलों के बाद से ही पार्टी के भीतर आंतरिक कलह की चर्चाओं ने भारी जोर पकड़ लिया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे अजित पवार गुट के भीतर एक नए शक्ति संतुलन के रूप में देख रहे हैं।
नाराजगी के बीच अचानक शरद पवार के ‘सिल्वर ओक’ आवास पहुंचे दोनों दिग्गज
सुनेत्रा पवार के साथ बढ़ते मतभेदों के बीच 12 मई को मुंबई में एक बहुत बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। एनसीपी के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे अचानक शरद पवार के मुंबई स्थित ‘सिल्वर ओक’ आवास पर उनसे मिलने पहुंच गए। इस मुलाकात के तुरंत बाद एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। सूत्रों के अनुसार, तटकरे से ठीक पहले प्रफुल्ल पटेल भी उसी दिन चुपचाप शरद पवार से लंबी मुलाकात कर चुके थे। इन बैक-टू-बैक मुलाकातों ने महाराष्ट्र की राजनीति में नए कयासों को जन्म दे दिया है।
प्रफुल्ल पटेल की लंबी खामोशी और सीक्रेट मीटिंग के पीछे क्या है गेम प्लान?
अब तक प्रफुल्ल पटेल पार्टी के भीतर चल रही इस पूरी उठापटक और खुद की नाराजगी पर सार्वजनिक रूप से पूरी तरह खामोश थे। उन्होंने मीडिया के सामने इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया था। लेकिन उनका इस तरह अचानक शरद पवार से मिलना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। राजनीतिक हलकों में अब यह चर्चा बेहद तेज हो गई है कि क्या एनसीपी के दोनों गुटों के बीच परदे के पीछे कोई बहुत बड़ा राजनीतिक दांव-पेच या समझौता चल रहा है।
शपथ ग्रहण समारोह से लौटते समय सुनेत्रा पवार ने बनाई दूरी
इस पूरे घटनाक्रम की जड़ें 12 मई को असम के गुवाहाटी में हुए एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से जुड़ी हैं। इस भव्य समारोह में शामिल होने के लिए प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और सुनेत्रा पवार तीनों गुवाहाटी गए थे। लेकिन वहां से वापस लौटते समय सुनेत्रा पवार ने अपनी ही पार्टी के इन दोनों वरिष्ठ सहयोगियों के साथ आने के बजाय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ यात्रा करना बेहतर समझा। सुनेत्रा पवार के इस कदम ने आपसी मनमुटाव की खबरों पर पक्की मुहर लगा दी।
रोहित पवार का बड़ा दावा, बीजेपी में शामिल हो सकते हैं दोनों नेता
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, प्रफुल्ल पटेल ने शरद पवार से मिलने के लिए बहुत पहले ही समय तय कर लिया था। दूसरी तरफ सुनील तटकरे बिल्कुल आखिरी वक्त में इस अहम बैठक का हिस्सा बनने पहुंचे। इसी बीच शरद पवार गुट के नेता रोहित पवार ने एक सनसनीखेज दावा कर दिया है। रोहित पवार के अनुसार सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल अपने कई समर्थक विधायकों के साथ बहुत जल्द बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। इस दावे के बाद से महाराष्ट्र की राजनीति में भारी हलचल मची हुई है।

