लखनऊ: नशे में धुत कार चालक ने पुलिसकर्मियों पर चढ़ाई गाड़ी, दारोगा और सिपाही गंभीर रूप से घायल

Uttar Pradesh News: राजधानी लखनऊ के कैंट इलाके में सोमवार शाम एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां शराब के नशे में धुत एक कार चालक ने चेकिंग कर रही पुलिस टीम पर गाड़ी चढ़ा दी। इस जानलेवा हमले में एक उपनिरीक्षक (दारोगा) और एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पुलिसकर्मियों की बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं।

महिलाओं से अभद्रता की सूचना पर पहुंची थी पुलिस

कैंट की रिसाला चौकी इंचार्ज राजीव पटेल अपने हमराह कांस्टेबल संदीप कुमार के साथ गश्त पर थे। बिशप स्कूल के पास भीड़ देखकर जब उन्होंने पूछताछ की, तो स्थानीय महिलाओं ने बताया कि नीले रंग की बलेनो कार का चालक नशे में उनके साथ बदतमीजी कर रहा है। पुलिस टीम ने जब वीआई बाजार के पास आरोपी को घेरने की कोशिश की, तो उसने पकड़े जाने के डर से रफ्तार बढ़ा दी और सामने खड़े पुलिसकर्मियों को रौंदते हुए निकल गया।

पूर्व दारोगा का बेटा है आरोपी सलमान

पुलिस की प्रारंभिक जांच में आरोपी की पहचान सलमान के रूप में हुई है, जो कैंट के सदर बाजार का निवासी है। चौंकाने वाली बात यह है कि सलमान के पिता पुलिस विभाग से दारोगा के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सलमान एक डॉक्टर की दुकान पर काम करता है और अक्सर नशे की हालत में इलाके में दहशत फैलाता है। पुलिस ने कार नंबर के आधार पर शमीमुद्दीन खान के नाम दर्ज वाहन को चिह्नित कर लिया है, जो आरोपी के पिता बताए जा रहे हैं।

पुलिस पर जानलेवा हमले की FIR दर्ज, टीमें तैनात

कैंट थाना इंस्पेक्टर संजय धीर ने बताया कि आरोपी सलमान के खिलाफ पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। घटना के बाद घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।

ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू

पुलिस प्रशासन ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी के ड्राइविंग लाइसेंस (DL) को स्थायी रूप से निरस्त करने की सिफारिश की है। इसके लिए संभागीय परिवहन कार्यालय (RTO) को विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई है। पुलिस का कहना है कि ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके। फिलहाल मिलिट्री अस्पताल की ओर भागने वाले रास्तों के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

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